नेपाल में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सोशल मीडिया टिप्पणियों की जांच

नेपाल में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सोशल मीडिया टिप्पणियों की जांच

नेपाल में बाढ़ पीड़ितों को निशाना बनाने वाली आपत्तिजनक सोशल मीडिया टिप्पणियों की जांच
Modified Date: September 7, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: September 7, 2026 1:26 pm IST

काठमांडू, सात सितंबर (भाषा) नेपाल के साइबर ब्यूरो ने पिछले महीने अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर अपमानजनक और घृणास्पद टिप्पणियां करने के आरोपियों की जांच के लिए 10 सदस्यीय टीम गठित की है। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गयी है।

यह कदम प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह की शनिवार की उस चेतावनी के बाद उठाया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आपदा के बाद पीड़ित लोगों का मजाक उड़ाने या उन्हें परेशान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार ने सोमवार को एक रिपोर्ट में बताया कि बाढ़ में लापता हुए अपने परिजनों की तलाश कर रहे परिवारों ने मदद की अपील के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया था, लेकिन इनमें से कुछ अपीलों पर लोगों ने आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

रिपोर्ट के अनुसार, साइबर ब्यूरो ऐसी टिप्पणियां करने वाले सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की प्रोफाइल तैयार कर रहा है और उनके पते तथा फोन नंबर का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उनकी ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

अखबार ने साइबर ब्यूरो के प्रवक्ता दिलीप कुमार गिरि के हवाले से कहा, ‘‘इस पर 10 सदस्यीय टीम काम कर रही है। ऐसा व्यवहार हतोत्साहित किया जाना चाहिए, जो बाढ़ से बचे लोगों की परेशानी को और बढ़ाता है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’

शाह ने शनिवार को फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा था कि जो लोग ‘‘दर्द में जी रहे लोगों को नीचा दिखाते हैं या इस संवेदनशील समय में उनकी पीड़ा और बढ़ाने की कोशिश करते हैं, वे अपराधी हैं।’’ उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ऐसे लोगों के प्रति ‘‘कोई नरमी नहीं बरतेगी।’’

हालांकि, चेतावनी के बावजूद ऑनलाइन दुर्व्यवहार जारी रहा। ‘द काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, रविवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में एक महिला छोटे बच्चे को गोद में लेकर अपने पति और अन्य रिश्तेदारों का पता लगाने में मदद की अपील करती दिखाई दी। इस वीडियो पर भी लोगों ने मजाक उड़ाने वाली और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि साइबर ब्यूरो ने आपदा के संबंध में जातीय तनाव भड़काने की आशंका वाली टिप्पणियां करने के आरोप में काठमांडू में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बैतड़ी के बीरेंद्र मडई को शनिवार को बाढ़ प्रभावित लोगों की जातीय पहचान को लेकर टिप्पणियां करने के बाद गिरफ्तार किया गया।

गिरि ने कहा कि अगर पर्याप्त सबूत जुटा लिए जाते हैं, तो पुलिस बिना औपचारिक शिकायत के भी जांच शुरू कर सकती है।

नेपाल के ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजैक्शंस एक्ट, 2008’ में ऑनलाइन दुर्व्यवहार के कुछ रूपों के लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान है। इसकी धारा 47 इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से ऐसी सामग्री के प्रकाशन या प्रदर्शन पर रोक लगाती है, जो नफरत या शत्रुता को बढ़ावा देती हो, जातीय या धार्मिक समुदायों के बीच संबंधों को बिगाड़ती हो या जिसमें उत्पीड़न, अपमान अथवा अन्य अशोभनीय आचरण शामिल हो।

दोषी ठहराए जाने पर एक लाख नेपाली रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की कैद या दोनों की सजा हो सकती है। दोबारा अपराध करने वालों के लिए इससे अधिक कड़ी सजा का प्रावधान है।

भाषा गोला वैभव

वैभव


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