Iran and America War News || Image- Conversation RT @RT_com File
इस्लामाबाद: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने कल यानी रविवार को ऐलान किया है कि, वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा। हालांकि वाशिंगटन या तेहरान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। साथ ही यह भी साफ़ नहीं है युद्ध पर सामने होगी या परदे के पीछे। (Iran and America War News) दरअसल मिडिल-ईस्ट संकट के बीच पाकिस्तान में कई मुस्लिम देशों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित हुई है। इनमें तुर्की, मिस्र और सऊदी अरब शामिल थे।
‘PROMOTING PEACE’ — Pakistan HOSTS Turkish, Egyptian and Saudi Arabian foreign ministers
The discussion focused on the development of the Middle East conflict and finding peaceful resolutions pic.twitter.com/lbXcy1afoT
— RT (@RT_com) March 29, 2026
मुस्लिम देशों की हुई बैठक के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा, “पाकिस्तान को इस बात की बेहद खुशी है कि ईरान और अमेरिका दोनों ने वार्ता को सुगम बनाने के लिए पाकिस्तान पर भरोसा जताया है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच सार्थक वार्ता की मेजबानी और उसे सुगम बनाने में पाकिस्तान को गर्व महसूस होगा,”
पाकिस्तान ने आगे बताया कि राजनयिक अपने-अपने देशों के लिए रवाना हो चुके हैं। वार्ता सोमवार को जारी रहने वाली थी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सवालों का जवाब नहीं दिया और संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूतावास पर बात करने से इनकार कर दिया। (Iran and America War News) दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के साथ संभावित वार्ता पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन रविवार रात को कहा कि वाशिंगटन ईरान के साथ बातचीत कर रहा है और “हम उस वार्ता में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।”
एयर फ़ोर्स वन में ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पर कोई प्रतिक्रिया दी है या है? इस पर ट्रंप ने कहा कि “उन्होंने हमें अधिकांश बिंदुओं पर सहमति दे दी है।” गौरतलब है कि, पकिस्तान काफी समय से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है हालाँकि वह खुद भी अफ़ग़निस्तान के साथ संघर्षरत है। वह अपने ही पड़ोसी देशों पर हमले कर रहा है और आम लोगों को निशाना बना रहा है। पिछले दिनों पाकिस्तान ने काबुल के अस्पताल पर हमला कर 400 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। ऐसे में पाकिस्तान एक शांति के पक्ष में बातें करना महज एक छलावा प्रतीत हो रहा है।
इससे पहले, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर क़लीबाफ़ ने मध्य पूर्व में लगभग 2,500 अमेरिकी मरीन सैनिकों की एंट्री के बाद पाकिस्तान में चल रही बातचीत को एक दिखावा बताया था। सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि ईरानी सेना “अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतज़ार कर रही है ताकि उन्हें जलाकर राख कर दिया जाए और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को हमेशा के लिए दंडित किया जाए।” (Iran and America War News) ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली “कमांडरों और राजनीतिक अधिकारियों” के घरों पर हमला करने की धमकी भी दी। सरकारी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी सेना के संयुक्त कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने “विभिन्न शहरों में ईरानी लोगों के आवासीय घरों को निशाना बनाने” और अन्य “दुर्भावनापूर्ण कार्रवाइयों” का हवाला दिया।
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