CG Sushasan Tihar 2026: ये है साय सरकार का असली सुशासन... 850 ग्रामीणों ने लिया नश मुक्ति का संकल्प, कहा- आज से हाथ भी नहीं लगाएंगे / Image: CG DPR
रायपुर: CG Sushasan Tihar 2026 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित हो रहा सुशासन तिहार आम नागरिकों के जीवन में खुशहाली का नया सवेरा लेकर आ रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं अब कागजों से निकलकर सीधे जरूरतमंदों के दरवाजे तक पहुँच रही हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत फर्सवानी, जनपद पंचायत सारंगढ़ में आयोजित सुशासन शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगभग 850 ग्रामीणों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
CG Sushasan Tihar 2026 शिविर में नशामुक्ति संबंधी प्रेरक साहित्य का वितरण कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 19 ग्रामीणों को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। साथ ही 2 वरिष्ठ नागरिकों को जीवन सहायक उपकरण के रूप में वॉकिंग स्टिक प्रदान की गई। सुशासन शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने तथा पात्र हितग्राहियों को त्वरित लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की जा रही है।
ऐसी ही एक सुखद तस्वीर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दमदम से सामने आई है, जहाँ भारती नामक महिला के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना वरदान साबित हुई हैं।
भारती और उनका परिवार वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। हर मानसून उनके लिए आफत बनकर आता था, छत से टपकता पानी और आंधी-तूफान के डर के बीच पूरा परिवार रातें जागकर काटता था। आर्थिक तंगी के कारण पक्का घर बनाना भारती के लिए एक अधूरा सपना था, जिसे प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता ने हकीकत में बदल दिया है।
सुशासन तिहार के उपलक्ष्य में 6 मई को देवरीकला में आयोजित समाधान शिविर भारती के जीवन का टर्निंग पॉइंट बना। यहाँ उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। चाबी हाथ में लेते ही भारती की आँखों में खुशी के आंसू छलक आए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, अब मेरा परिवार सुरक्षित है। मुख्यमंत्री जी की बदौलत हमें सिर छुपाने के लिए पक्की छत और समाज में सम्मानजनक जीवन मिला है।
सिर्फ छत ही नहीं, बल्कि भारती को महतारी वंदन योजना की 27वीं किश्त भी प्राप्त हुई है। इस निरंतर मिल रही आर्थिक सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है। भारती बताती हैं कि इन पैसों से वे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है।
जिला प्रशासन की टीमें सुशासन तिहार के माध्यम से सुदूर अंचलों तक पहुँचकर स्थल पर ही समस्याओं का निपटारा कर रही हैं। भारती की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि शासन की नीयत साफ और क्रियान्वयन प्रभावी हो, तो अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।