Today Live Breaking News and Updates 15 May 2026: ‘धार भोजशाला में सिर्फ हिंदू ही करेंगे पूजा…ये एक मंदिर है’ हाईकोर्ट ने सुनाया अपना फैसला

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Today Live Breaking News and Updates 15 May 2026: ‘धार भोजशाला में सिर्फ हिंदू ही करेंगे पूजा…ये एक मंदिर है’ हाईकोर्ट ने सुनाया अपना फैसला

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 08:54 AM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 11:12 PM IST

Today Live Breaking News and Updates 15 May 2026

Today Live Breaking News and Updates 15 May 2026 : मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया है। अदालत ने भोजशाला को मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को पूजा करने की ​इजाजत भी दे दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब हिंदू की बड़ी जीत मानी जा रही है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हमने पाया है कि इस स्थल पर हिंदू पूजा-अर्चना की निरंतरता कभी समाप्त नहीं हुई है। हम यह भी दर्ज करते हैं कि ऐतिहासिक साहित्य यह स्थापित करता है कि विवादित क्षेत्र भोजशाला के रूप में परमार वंश के राजा भोज से संबंधित संस्कृत शिक्षा के केंद्र के रूप में जाना जाता था।

Bhojshala Case आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने 12 मई को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ आज इस प्रकरण में अंतिम निर्णय सुनाया है।

यह याचिका वर्ष 2022 में हिंदू पक्ष की ओर से हाईकोर्ट में दायर की गई थी। याचिका में भोजशाला परिसर से जुड़े धार्मिक अधिकारों और व्यवस्थाओं को लेकर कई मांगें उठाई गई थीं। करीब चार वर्षों तक चले इस कानूनी विवाद के बाद अब फैसला आ गया है। इस दौरान मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार कानूनी और सामाजिक गतिविधियां जारी रहीं। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद मामले की नियमित सुनवाई 6 अप्रैल से शुरू हुई थी। इसके बाद हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई हुई और सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

भोजशाला सुनवाई के प्रमुख बिंदु

  • 12 मई 2026, मंगलवार को इंदौर में भोजशाला प्रकरण की सुनवाई उच्च न्यायालय में पूरी हुई।
  • वर्ष 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा उच्च न्यायालय इंदौर में भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय कर हिंदू समाज के पूर्ण आधिपत्य के लिए याचिका क्रमांक 10497/ 2022 लगाई गई थी
  • इसी प्रकरण में आगे चलकर वर्ष 2024 में भोजशाला में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया
  • वर्ष 2026 में 23 जनवरी,शुक्रवार वसंत पंचमी के अवसर पर दिनभर अबाधित पूजा अर्चना हेतु सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आदेश इसी प्रकरण में दिया गया था
  • भोजशाला प्रकरण की सुनवाई 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में निरंतर जारी थी
  • अप्रैल 2026 से 9 अप्रैल 2026 तक हिंदू पक्ष की ओर से तर्क रखे गए
  • इसके पश्चात मुस्लिम पक्ष एवं अन्य पक्षों द्वारा तर्क रखे गए
  • इस मुख्य याचिका के साथ ही चार अन्य याचिका और एक अपील भी क्लब थी जिनकी भी सुनवाई पूरी हो गई हैं

हिंदूओं की याचिका की प्रमुख मांगे

  • हिंदू समाज को भोजशाला में अनुच्छेद 25 के अनुसार पूजा का अधिकार मिले तथा मुस्लिम समाज को भोजशाला परिसर में किसी भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जावे।
  • केंद्र सरकार को आदेशित किया जावे कि भोजशाला हेतु एक ट्रस्ट बनाया जावे जिससे कि भोजशाला का संचालन एवं प्रबंध किया जा सके।
  • इसी ट्रस्ट को यह आदेशित किया जावे कि माँ सरस्वती की प्रतिमा की पूजा एवं अर्चना निर्बाध रूप से कराई जावे।
  • भोजशाला परिसर में मुस्लिम समाज द्वारा की जा रही नमाज बंद हो।
  • भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को निरस्त किया जावे एवं हिंदू समाज को नियमित प्रतिदिन पूजा करने का अधिकार मिले।
  • ब्रिटिश म्यूजियम में रखी माँ वाग्देवी की प्रतिमा को पुनः वापस लाया जावे एवं भोजशाला धार में स्थापित किया जावे।

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