तेहरान, 14 जुलाई (एपी) ईरान में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के दो सदस्यों को देश के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ने का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई गई। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने मंगलवार को प्रसारित खबर में यह जानकारी दी।
दोषी करार दिए गए आईएस सदस्यों की पहचान मोहिद्दीन अब्दुल्लाही और हुसैन पलानी के तौर पर बताई गई। इसमें कहा गया है कि मोहिद्दीन और हुसैन आईएस के उस सेल से जुड़े थे, जो इराक और सीरिया में संगठन की हार के बाद अस्तित्व में आया था और जिसने ईरान के अंदर हमलों की साजिश रची थी।
खबर के मुताबिक, सेल के सदस्य हमलों को अंजाम दे पाते, इससे पहले ही ईरानी सुरक्षा बलों ने इराकी सीमा के पास बामो पहाड़ी इलाके में उनके ठिकाने का पता लगा लिया।
खबर के अनुसार, इराकी सुरक्षा बलों की ओर से चलाए गए अभियान में आईएस के कई सदस्य मारे गए, जबकि कई अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया। इस अभियान के दौरान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के तीन सदस्य भी मारे गए।
अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामान भी जब्त किया।
अधिकारियों के अनुसार, उच्चतम न्यायालय के मोहिद्दीन और हुसैन को ईरान के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह छेड़ने का दोषी करार देने के फैसले को बरकरार रखने के बाद दोनों को फांसी की सजा दे दी गई।
हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि इन लोगों को फांसी कहां दी गई।
एपी पारुल आशीष
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