ईरान ने अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव खारिज किया, पश्चिम एशिया में जमीनी हमले किए

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ईरान ने अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव खारिज किया, पश्चिम एशिया में जमीनी हमले किए

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  • Publish Date - March 25, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - March 25, 2026 / 09:04 PM IST

दुबई, 25 मार्च (एपी) ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजराइल व खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए।

ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गयी।

ईरान ने यह जवाबी हमले ऐसे समय में किये हैं, जब इजराइल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और वाशिंगटन ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स व अधिक संख्या में मरीन सैनिकों की तैनाती की।

ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

प्रेस टीवी की यह खबर पाकिस्तान द्वारा ईरान को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद आई है।

प्रेस टीवी ने अधिकारी के हवाले से बताया, “ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा चाहेगा और जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।”

अधिकारी ने बताया कि तेहरान पश्चिम एशिया में अपने ‘जोरदार हमले’ जारी रखेगा।

ईरान को प्रस्ताव सौंपने वाले पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने 15 बातों का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, मिसाइलों की सीमा तय करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है।

होर्मुज एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जिसके माध्यम से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है।

मध्यस्थता प्रयासों में शामिल मिस्र के एक अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में सशस्त्र समूहों को ईरान के समर्थन पर प्रतिबंध शामिल हैं।

अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी साझा की। इनमें से कुछ मुद्दे युद्ध से पहले की बातचीत में विचारणीय थे।

ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या उन क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को दिए जाने वाले समर्थन को लेकर कोई चर्चा नहीं करेगा, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन पर नियंत्रण रखने की ईरान की क्षमता उसके सबसे बड़े सामरिक प्रभावों में से एक है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बाधित कर दिया है, जिसके कारण ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो गया है।

इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में युद्ध में जीत का दावा करते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमत हो गया है और उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी एक ‘‘महत्वपूर्ण सौगात’’ भेजी है।

ट्रंप ने मंगलवार को ‘ओवल ऑफिस (अमेरिका के राष्ट्रपति का कार्यालय) में संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया था कि ईरान ‘‘समझौता करने’’ का इच्छुक है। राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के मौजूदा नेतृत्व में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं।

ट्रंप ने नये गृह मंत्री के रूप में मार्कवेन मुलिन के शपथ ग्रहण समारोह के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं पहले से यह नहीं कहना चाहता, लेकिन वे इस बात पर सहमत हो गए हैं कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं रखेंगे।’’

ट्रंप ने कहा कि ईरानी नेतृत्व ने होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल की आपूर्ति से जुड़ी एक ‘‘महत्वपूर्ण सौगात’’ अमेरिका को दी है।

ट्रंप ने कहा, ‘‘तो मेरे लिए इसका एक ही मतलब है कि हम सही लोगों से बातचीत कर रहे हैं। नहीं, यह (तोहफा) परमाणु हथियार से जुड़ा नहीं है। यह तेल और गैस से जुड़ा है।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान की उस परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसका इस्तेमाल पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ किया जा सकता था।

ट्रंप ने कहा, ‘‘हमने उन्हें तबाह कर दिया है। उनकी परमाणु क्षमता को बिल्कुल तबाह कर दिया। अगर हमने (बी-2 बमवर्षक विमानों का इस्तेमाल करते हुए) हमला नहीं किया होता तो उनके पास परमाणु हथियार होता। वे निश्चित रूप से उसका इस्तेमाल करते और वे उसका इस्तेमाल इजराइल समेत पूरे पश्चिम एशिया में करते।’’

ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की सेना के एक प्रवक्ता ने युद्धविराम समझौते से जुड़े अमेरिकी प्रयासों का बुधवार को मजाक उड़ाया, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 15-सूत्री योजना के सफल होने की कोई संभावना है।

ईरान की नियमित सेना और अर्द्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड की संयुक्त रूप से कमान संभालने वाले ‘खातम अल-अन्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फाघारी ने 15-सूत्री योजना को मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपे जाने के बाद यह टिप्पणी की।

ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी अधिकारी इस योजना पर ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, लेकिन सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक बयान में जुल्फाघारी ने इस बात के संकेत दिये कि कोई बातचीत नहीं हो रही। उन्होंने कहा, ‘‘क्या आपके आंतरिक मतभेद इस हद तक पहुंच गए हैं कि आप खुद से ही बातचीत कर रहे हैं?’’

जुल्फाघारी ने कहा, ‘‘पहले दिन से ही हमारी पहली और आखिरी बात यही रही है और यही रहेगी : हम जैसे लोग आप जैसे लोगों के साथ कभी समझौता नहीं करेंगे। न अभी, न कभी।’’

एक अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि 15-सूत्री युद्धविराम योजना पाकिस्तान के मध्यस्थों के जरिये ईरान को सौंपी गई। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में मध्यस्थता की पेशकश की है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय आया, जब अमेरिका की सेना 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ से कम से कम 1,000 और सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रही है, ताकि क्षेत्र में पहले से मौजूद करीब 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।

सबसे पहले ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने यह खबर दी थी कि योजना ईरानी अधिकारियों को सौंप दी गई है।

अमेरिका के रक्षा मंत्रालय का मुख्यालय ‘पेंटागन’ दो ‘मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट’ की भी तैनाती की प्रक्रिया में है, जिसके तहत क्षेत्र में करीब 5,000 मरीन एवं नौसेना के हजारों अन्य कर्मी और तैनात किए जाएंगे।

अधिकारी ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की वकालत कर रहे इजराइली अधिकारी अमेरिकी प्रशासन द्वारा युद्धविराम योजना सौंपे जाने से हैरान हैं।

उन्होंने साथ ही कहा कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अतिरिक्त सैनिक एवं मरीन भेज रहा है, ऐसे में युद्धविराम योजना के प्रस्ताव को ट्रंप की ऐसी रणनीति के तौर पर पेश किया जा रहा है कि भविष्य में क्या कदम उठाना है, इसे लेकर वह अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं।

ईरानी सैन्य प्रवक्ता जुल्फाघारी ने कहा, ‘‘जिस सामरिक ताकत की बात आप किया करते थे, वह अब सामरिक विफलता में बदल गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जो देश खुद को वैश्विक महाशक्ति कहता है, अगर संभव होता तो वह इस संकट से अब तक निकल चुका होता। अपनी हार को समझौते का नाम मत दीजिए। खोखले वादों का आपका दौर अब समाप्त हो चुका है।’’

इस बीच, इजराइली सेना ने घोषणा की कि उसने बुधवार तड़के ईरान में सरकारी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए व्यापक पैमाने पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं और प्रत्यक्षदर्शियों ने उत्तर पश्चिमी शहर काजविन में हवाई हमलों की सूचना दी है।

ईरान ने अपने पड़ोसियों पर दबाव बनाए रखा। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने तेल-समृद्ध पूर्वी प्रांत में दागे गए कम से कम आठ ड्रोन नष्ट कर दिए हैं और बहरीन में मिसाइल हमले के अलर्ट संबंधी सायरन सुनाई दिए।

कुवैत में ‘जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी’ ने बताया कि देश ने कई ड्रोन मार गिराए, लेकिन उनमें से एक कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ईंधन टैंक से टकरा गया, जिससे आग लग गई। दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

एपी जितेंद्र सुरेश

सुरेश