(एम. जुल्करनैन)
लाहौर, 25 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच संदेश पहुंचा रहा है। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही।
शहबाज शरीफ प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “हम (पाकिस्तान) अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए हमने इस्लामाबाद को एक स्थल के रूप में भी प्रस्तावित किया है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब ईरान-अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए सहमत हो।”
उन्होंने बताया, “फिलहाल, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचा रहा है। इस्लामाबाद ने न केवल अमेरिका का 15 सूत्री प्रस्ताव ईरान को सौंपा है, बल्कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तेहरान की मांगें भी ट्रंप प्रशासन के सामने रखी हैं।”
अधिकारी ने बताया कि 15-सूत्री प्रस्ताव में ईरान की परमाणु एवं क्षेत्रीय नीतियों को लक्षित करते हुए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं, जिसके बदले में ईरान को प्रतिबंधों में बड़ी राहत दी जाएगी।
प्रस्ताव के तहत, ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से समाप्त करना होगा और भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी।
इसके अलावा सभी संवर्धित परमाणु सामग्री को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को सौंप दिया जाएगा।
इस प्रस्ताव के तहत नतान्ज परमाणु संयंत्र, इस्फहान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र और फोर्दो ईंधन संवर्धन संयंत्र सहित प्रमुख परमाणु सुविधाओं को निष्क्रिय व नष्ट कर दिया जाएगा।
उन्होंने प्रस्ताव के बारे में बताया कि आईएईए को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सभी पहलुओं तक पूर्ण पहुंच प्रदान की जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि प्रस्ताव में ईरान से यह भी कहा गया है कि वह पूरे क्षेत्र में सहयोगी समूहों को वित्तपोषण, मार्गदर्शन और हथियार मुहैया कराना बंद करे, जो वाशिंगटन और इजराइल दोनों के साथ लंबे समय से विवाद का मुद्दा रहा है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम में यह सुनिश्चित किया गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक स्वतंत्र समुद्री मार्ग के रूप में खुला रहेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवागमन में कोई बाधा नहीं आएगी।
अधिकारी ने बताया कि इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाने और बुशहर सुविधा में सहायता सहित एक नागरिक परमाणु कार्यक्रम के विकास का समर्थन करने के लिए तैयार है।
भाषा जितेंद्र सुरेश
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