अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत को निशाना बनाया; वार्ता रोकने की धमकी

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अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने बहरीन, कुवैत को निशाना बनाया; वार्ता रोकने की धमकी

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  • Publish Date - June 28, 2026 / 11:40 AM IST,
    Updated On - June 28, 2026 / 11:40 AM IST

दुबई, 28 जून (एपी) ईरान के अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत को निशाना बनाकर रविवार को ड्रोन एवं मिसाइल हमले किए और धमकी दी कि यदि अमेरिका ने हमले जारी रखे तो युद्ध समाप्त करने के लिए जारी वार्ता ‘‘पूरी तरह रोकी’’ जा सकती है।

बहरीन और कुवैत पर ये हमले ऐसे समय हुए, जब अमेरिकी नौसेना की निगरानी में काम करने वाली एक बहुराष्ट्रीय समुद्री संस्था ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के पास स्थित एक मार्ग का विस्तार किया जाएगा ताकि उससे खाड़ी में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले पोतों की आवाजाही हो सके। इस कदम से ईरान के साथ टकराव का एक नया कारण पैदा हो सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य से पोतों की आवाजाही फिर शुरू करने की बात कही गई है। हालांकि, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी के समर्थन से बनाए गए ओमान मार्ग से गुजर रहे पोतों पर दो बार हमले किए हैं।

अमेरिका और खाड़ी के अरब देशों के विरोध के बावजूद तेहरान का कहना है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से पोतों की आवाजाही पर उसका नियंत्रण होना चाहिए। एक समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता था।

‘यूएस सेंट्रल कमांड’ ने रविवार तड़के कहा कि समुद्र में एक पोत पर शनिवार तड़के हमले के बाद उसने ‘‘ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणालियों, हवाई रक्षा ठिकानों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया।’’ ईरानी हमले का शिकार हुआ पनामा के ध्वज वाला तेल टैंकर ‘किकू’ कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी के लिए कच्चा तेल लेकर गया था। कतर, ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में प्रमुख मध्यस्थ है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका ने ‘‘युद्धविराम समझौते का फिर से उल्लंघन किए जाने के जवाब में ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार स्थलों पर हमले किए।’’

उन्होंने चेतावनी दी कि एक समय ऐसा आ सकता है, जब अमेरिका के लिए संयम बरतना संभव नहीं होगा और वह ‘‘सैन्य कार्रवाई के जरिये काम पूरा करने के लिए मजबूर हो जाएगा।’’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘अगर ऐसा हुआ तो इस्लामी गणराज्य ईरान का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।’’

ईरान के एक ड्रोन ने बृहस्पतिवार को ओमान के तट के पास एक मालवाहक पोत को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने हमले किए थे।

पोतों की आवाजाही पर नजर रखने वाली वेबसाइट के अनुसार, ‘किकू’ ने इस सप्ताह की शुरुआत में फारस की खाड़ी के बीच स्थित कतर के एक तेल क्षेत्र से यात्रा शुरू की थी। वह संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह जा रहा था जो होर्मुज जलडमरूमध्य के दूसरी ओर ओमान की खाड़ी में स्थित है।

ऐसा प्रतीत होता है कि पोत ओमान के तट के पास बनाए गए वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा था।

अमेरिकी सेना ने कहा कि ‘‘ईरान के पास युद्धविराम समझौते का पालन करने का अवसर था’’, लेकिन उसके बलों ने ‘किकू’ पर हमला करके ‘‘ऐसा नहीं करने का फैसला किया।’’

अमेरिकी हमलों के बाद कुवैत की सेना ने रविवार तड़के कहा कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने ईरान की ओर से आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले बीच में ही नष्ट कर दिया। उसने किसी प्रकार के नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी। कुवैत में अमेरिकी थल सेना का एक प्रमुख सैन्य अड्डा है।

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर हमले की निंदा की। उसने इसे ‘‘खतरनाक स्थिति’’ करार देते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि तेहरान की कार्रवाई कोई क्षणिक या एकाध घटना नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता तथा उसके नागरिकों एवं वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा के खिलाफ बार-बार आक्रामक कार्रवाई करने की सोची-समझी नीति है।

बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा तैनात है। युद्ध के दौरान वहां स्थित उसके अड्डे पर कई बार हमले हुए हैं।

‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसने कुवैत में अल-असद वायुसेना अड्डे को निशाना बनाया।

गार्ड ने कहा, ‘‘दुश्मन को यह पता होना चाहिए कि युद्धविराम का उल्लंघन… जारी प्रक्रियाओं को पूरी तरह रोक देगा।’’

ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के जखीरे को नियंत्रित करने वाला ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ केवल सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के प्रति जवाबदेह है। माना जा रहा है कि इस्लामी गणराज्य में अब उसका प्रभाव और अधिक बढ़ गया है।

एपी सिम्मी रंजन

रंजन

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