निकोसिया, 28 मई (भाषा) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों तथा पश्चिम एशिया संघर्ष पर व्यापक चर्चा की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स से मुलाकात करके मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से उनके प्रति हार्दिक अभिवादन व्यक्त किया।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘हालिया राजकीय यात्रा के महत्वपूर्ण परिणाम निकले, जिससे हमारी साझेदारी अगले चरण में पहुंच गई है। मैंने राष्ट्रपति को मजबूत अनुवर्ती कार्रवाई का आश्वासन दिया। पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के साथ-साथ भूमध्यसागर में भारत के हितों पर भी चर्चा हुई।’’
क्रिस्टोडौलाइड्स लगभग एक सप्ताह पहले तीन-दिवसीय यात्रा पर भारत आए थे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों पक्षों ने नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में गहन सहयोग के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए, साथ ही प्रवासन और गतिशीलता पर एक व्यापक साझेदारी को जल्द ही अंतिम रूप देने पर सहमति बनी।
पश्चिम एशिया संघर्ष और यूरोप तथा व्यापक क्षेत्र से संबंधित अन्य भू-राजनीतिक मुद्दों के बीच, जयशंकर बुधवार को साइप्रस पहुंचे।
वह यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक (जिसे लोकप्रिय रूप से जिम्निच कहा जाता है) में भाग लेने के लिए यहां आए हैं। प्रमुख भू-आर्थिक चुनौतियों, सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर चर्चा करने के लिए ये बैठकें समय-समय पर आयोजित की जाती हैं।
जिम्निच बैठक बृहस्पतिवार को आयोजित की गई। जिम्निच बैठक से इतर जयशंकर ने नीदरलैंड, पोलैंड, फ्रांस, स्पेन, स्लोवाकिया और एस्टोनिया के अपने समकक्षों और पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री रादोस्लाव सिकोरस्की के साथ संक्षिप्त बैठकें कीं। जिम्निच बैठक के कुछ घंटों बाद जयशंकर ने राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स से मुलाकात की।
भाषा संतोष सुरेश
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