नेतन्याहू के सहयोगी पर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप

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नेतन्याहू के सहयोगी पर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप

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  • Publish Date - May 28, 2026 / 08:21 PM IST,
    Updated On - May 28, 2026 / 08:21 PM IST

नहेरिया (इजराइल), 28 मई (एपी) इजराइल के अटॉर्नी जनरल ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के एक करीबी सलाहकार पर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से जर्मनी के एक समाचारपत्र को गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा।

यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब इस साल देश में चुनाव होने हैं।

नेतन्याहू खुद भी भ्रष्टाचार से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं और उनकी गठबंधन सरकार के भीतर बढ़ता तनाव संसद के भंग होने का खतरा पैदा कर रहा है।

अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि वह 2024 में एक गोपनीय दस्तावेज को ‘जर्मन टैब्लॉइड’ को लीक करने के मामले में जोनाथन उरिच पर अभियोग की योजना बना रहा है। वहीं आलोचकों का कहना है कि यह कवायद बेंजामिन नेतन्याहू को गाज़ा युद्ध के दौरान हमास के साथ वार्ताओं के विफल रहने की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की है।

अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने कहा कि इसके अलावा, उरिच पर गोपनीय जानकारी रखने और सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया जाएगा।

बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने प्रस्तावित अभियोग पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। लेकिन जोनाथन उरिच के वकीलों ने इजराइल के आर्मी रेडियो चैनल को बताया कि यह निर्णय ‘‘गलत है और सबूतों से पूरी तरह असंबद्ध है।’’

वहीं जोनाथन उरिच ने सोशल मीडिया पर एक-पंक्ति का व्यंग्यात्मक पोस्ट करते हुए कहा, ‘‘यह कुछ ऐसा है कि अटॉर्नी जनरल ने मौत की सजा की मांग नहीं की।’’

बेंजामिन नेतन्याहू और उनके करीबी सहयोगियों ने दावा किया है कि अभियोजक और मीडिया उनके पीछे पड़े हुए हैं।

अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने यह नहीं बताया कि अभियोग आधिकारिक रूप से कब दाखिल किया जाएगा। यह एक सामान्य प्रक्रिया है कि अभियोग शुरू किए जाने की घोषणा पहले ही कर दी जाती है।

बेंजामिन नेतन्याहू के एक अन्य पूर्व सहयोगी एली फेल्डस्टीन पर भी इसी तरह के आरोप पहले ही लगाए जा चुके हैं।

जोनाथन उरिच और एली फेल्डस्टीन को पिछले वर्ष एक अलग मामले में गिरफ्तार किया गया था जिसे इज़राइल में ‘कतरगेट’ के नाम से जाना जाता है। उन पर संदेह है कि उन्होंने सात अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद इज़राइल में कतर की सकारात्मक छवि को बढ़ावा देने के लिए उससे धन स्वीकार किया था।

उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में काम करते हुए किसी विदेशी सरकार से पैसा लिया।

बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने इन लीक और ‘कतरगेट’ मामले को बेकार बताया है और न्यायपालिका पर पक्षपात का आरोप लगाया है।

एपी शोभना नरेश

नरेश