जयशंकर ने बेल्जियम के विदेश मंत्री के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की

जयशंकर ने बेल्जियम के विदेश मंत्री के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की

जयशंकर ने बेल्जियम के विदेश मंत्री के साथ रक्षा क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की
Modified Date: July 15, 2026 / 11:39 pm IST
Published Date: July 15, 2026 11:39 pm IST

ब्रसेल्स, 15 जुलाई (भाषा) भारत और बेल्जियम ने बुधवार को अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, लोगों के सुगम आवागमन और दवा जैसे कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बेल्जियम के अपने समकक्ष मैक्सिम प्रेवोट के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।

भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता में भाग लेने और यूरोपीय संघ (ईयू) के नेताओं से मिलने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर यहां आए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पश्चिम एशिया सहित वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का ‘सार्थक आदान-प्रदान’ हुआ।

अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में जयशंकर ने कहा कि भारत और बेल्जियम के पास स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, जीवन विज्ञान, रासायनिक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाकर वर्तमान ठोस संबंधों को और मजबूत करने का अवसर है।

अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों, जैसे उत्पादन स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता, बाजारों तक पहुंच, पारस्परिक संपर्क की चुनौतियां, लॉजिस्टिक्स और कभी-कभी प्रौद्योगिकी की चुनौतियों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि मुख्य चुनौती अर्थव्यवस्था को स्थिर करने, जोखिम कम करने और इसमें विविधता लाने की है।

पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूक्रेन और हिंद-प्रशांत सहित दुनिया भर के संघर्षों और तनावों का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि इनका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ महसूस किया जा रहा है।

जयशंकर ने यह भी कहा कि आज यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंध रणनीतिक रूप ले रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने अपने लोगों को समझाया है कि मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) केवल एक व्यापार समझौते से कहीं बढ़कर एक बहुत बड़ी चीज है।’

बाद में विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आज ब्रसेल्स में बेल्जियम के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रेवोट के साथ प्रथम भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता की सह-अध्यक्षता की। हाल के वर्षों में हमारी साझेदारी काफी गहरी हुई है। आज की चर्चा बेल्जियम और यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों के महत्वाकांक्षी भविष्य (दूरगामी सोच) को दर्शाती है।’

वहीं, बेल्जियम के विदेश मंत्री प्रेवोट ने रेखांकित किया कि बेल्जियम और भारत के बीच पहले से ही मजबूत संबंध हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘हम इसे व्यापार और निवेश, हमारे व्यवसायों व शोधकर्ताओं के बीच बढ़ते सहयोग और हमारे लोगों के बीच होने वाले कई आदान-प्रदानों में देख सकते हैं। पिछले साल भारत गए बेल्जियम के आर्थिक मिशन ने पुष्टि की थी कि दोनों पक्षों में इन संबंधों को और गहरा करने की वास्तविक इच्छा है।’

अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर ने भारत-ईयू व्यापार गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लिया, जहां उन्होंने भारत-यूरोप संबंधों में बढ़ते भरोसे को रेखांकित किया।

विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के लिए यूरोपीय आयुक्त जोजफ सिकेला के साथ भी बैठक की और पारस्परिक संपर्क को बढ़ावा देने, त्रिपक्षीय साझेदारी, भारत-पश्चिम एशिया -यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईईसी) तथा हरित पोत परिवहन में भारत-ईयू सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।

इससे पहले, जयशंकर ने यूरोपीय परिषद (यूरोपियन काउंसिल) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग (यूरोपियन कमीशन) की उपाध्यक्ष काजा कल्लास से भी मुलाकात की।

भाषा शफीक सुमित वैभव

वैभव


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