श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर आयातित वाहनों की लगी लंबी कतार, निस्तारण पर दिया जा रहा है जोर
श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर आयातित वाहनों की लगी लंबी कतार, निस्तारण पर दिया जा रहा है जोर
कोलंबो, 28 जुलाई (भाषा) चीन को पट्टे पर दिए गए श्रीलंका के हंबनटोटा अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह ने आयातित वाहनों के लंबे समय से वहीं खड़े रहने की खबरों के बीच स्पष्ट किया है कि उसकी प्राथमिकता माल की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करना और भंडारण अवधि को कम रखना है, ताकि बंदरगाह माल को उतारने और फिर चढ़ाने के(रो-रो) के क्षेत्रीय पारगमन केंद्र के रूप में अपनी स्थिति बरकरार रख सके।
इस प्रमुख पारगमन केंद्र का संचालन करने वाले हंबनटोटा इंटरनेशनल पोर्ट ग्रुप (एचआईपीजी) ने सोमवार को यह स्पष्टीकरण उन खबरों के बाद जारी किया, जिनमें दावा किया गया था कि आयातकों द्वारा आवश्यक दस्तावेज औपचारिकताएं पूरी नहीं किए जाने और बंदरगाह शुल्क का भुगतान नहीं करने के कारण 1,000 से अधिक आयातित वाहन बंदरगाह पर ही खड़े हैं।
एचआईपीजी ने एक विज्ञप्ति में कहा, “बंदरगाह वहां पहुंचने वाले माल को तेजी से निकालने और उन्हें आगे भेजने का काम करते हैं न कि वाहनों को लंबे समय तक खड़ा रखने के लिए। कोई भी वाहन यदि महीनों या वर्षों तक बंदरगाह पर खड़ा रहता है, तो वह नए माल की निकासी और उसके प्रबंधन के लिए आवश्यक बहुमूल्य परिचालन स्थान घेर लेता है। इससे श्रीलंका के तेजी से बढ़ते वाहन आयात और उन्हें आगे भेजने की व्यवस्था भी प्रभावित होती है।”
कंपनी ने कहा कि वह माल की त्वरित निकासी सुनिश्चित करने और भंडारण अवधि कम करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि यह सुविधा क्षेत्रीय रो-रो पारगमन केंद्र के रूप में प्रभावी ढंग से कार्य करती रहे।
रो-रो पारगमन केंद्र वह विशेष बंदरगाह सुविधा होती है, जहां वाहन और पहियों वाले अन्य माल को क्रेन के बजाय सीधे चलाकर जहाज से उतारा जाता है, अस्थायी रूप से रखा या छांटा जाता है और फिर दूसरे जहाज अथवा परिवहन के अन्य साधन पर चढ़ा दिया जाता है।
एचआईपीजी ने बताया कि वर्तमान में बंदरगाह पर पारगमन माल और घरेलू बाजार के लिए आयातित वाहनों सहित 50,000 से अधिक वाहनों का प्रबंधन किया जा रहा है।
हालांकि, मीडिया खबरों में दावा किया गया था कि पारगमन के लिए निर्धारित 40,000 वाहनों के अतिरिक्त 1,000 से अधिक आयातित वाहन ऐसे ही बंदरगाह पर खड़े हैं। इस पर कंपनी ने कहा कि केवल 1,278 वाहन ऐसे हैं, जो तीन महीने से अधिक समय से बंदरगाह पर हैं, जबकि 581 वाहन एक वर्ष से अधिक समय से वहां खड़े हैं।
भाषा खारी माधव
माधव

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