लूव्र संग्रहालय ने शंघाई में भारत, ईरान और ओटोमन साम्राज्य पर प्रदर्शनी लगाई

लूव्र संग्रहालय ने शंघाई में भारत, ईरान और ओटोमन साम्राज्य पर प्रदर्शनी लगाई

लूव्र संग्रहालय ने शंघाई में भारत, ईरान और ओटोमन साम्राज्य पर प्रदर्शनी लगाई
Modified Date: January 19, 2026 / 07:49 pm IST
Published Date: January 19, 2026 7:49 pm IST

(केजेएम वर्मा)

बीजिंग, 19 जनवरी (भाषा) फ्रांस के लूव्र संग्रहालय ने शंघाई के कला संग्रहालय (एमएपी) के साथ मिलकर भारत, ईरान और ओटोमन साम्राज्य पर आधारित 300 कलाकृतियों की एक विशेष प्रदर्शनी लगाई है।

लूव्र और शंघाई कला संग्रहालय द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत यह प्रदर्शनी शंघाई में फ्रांसीसी संग्रहालय की पहली और चीन में अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी है।

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शंघाई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी।

भारत के महावाणिज्यदूत प्रतीक माथुर ने कला संग्रहालय (एमएपी) में लूव्र संग्रहालय द्वारा विशेष रूप से प्रदर्शित की गई प्रदर्शनी ‘इंडिया, ईरान एंड ओटोमन वर्ल्ड: द वंडर ऑफ पैटर्न एट द म्यूजियम ऑफ आर्ट’ के उद्घाटन सत्र में भाग लिया।

माथुर ने इस मौके पर कहा कि इस प्रदर्शनी ने साझा कलात्मक विरासत और सदियों से सभ्यताओं को जोड़ने वाले जटिल ज्यामितीय चमत्कारों की शाश्वत सुंदरता को प्रदर्शित करने, अनुभव करने, प्रेरित करने और बढ़ावा देने का अवसर प्रदान किया है।

वाणिज्य दूतावास ने बताया कि यह प्रदर्शनी चार शताब्दियों (16वीं से 19वीं शताब्दी) व तीन महाद्वीपों तक फैली हुई है तथा इसमें लूव्र संग्रहालय के संग्रह से लगभग 300 उत्कृष्ट कलाकृतियां शामिल हैं।

प्रदर्शनी को तीन प्रमुख खंडों में बांटा गया है, जिनमें से प्रत्येक भारतीय लोगों की शानदार कलात्मक परंपराओं और भारत तथा पश्चिम एशिया के इतिहास को समर्पित है।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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