महाराष्ट्र : बस में आग लगने से 25 यात्रियों की मौत, चालक के खिलाफ मामला दर्ज

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महाराष्ट्र : बस में आग लगने से 25 यात्रियों की मौत, चालक के खिलाफ मामला दर्ज

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  • Publish Date - July 1, 2023 / 05:27 PM IST,
    Updated On - July 1, 2023 / 05:27 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

नागपुर, एक जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर एक बस के डिवाइडर से टकराने के बाद उसमें आग लगने से 25 यात्रियों की झुलस कर मौत हो गई जबकि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि एक निजी ट्रैवल्स की बस नागपुर से पुणे जा रही थी, रास्ते में बुलढाणा जिले के सिंदखेडराजा के पास शुक्रवार देर रात करीब डेढ़ बजे बस एक खंभे और फिर डिवाइडर से जा टकराई और इसमें आग लग गई।

हादसे में बस चालक और खलासी समेत आठ लोग जीवित बच गए। हादसे में जीवित बचे यात्रियों ने बताया कि वे किसी तरह बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकल सके।

बुलढाणा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुनील कडासने ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस का एक टायर फट जाने से वाहन एक खंभे से टकराने के बाद डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई।

अधिकारी ने बताया कि बस में सवार 33 यात्रियों में से 25 की झुलसने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बाकी आठ यात्रियों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और वे सुरक्षित हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजन को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की है।

उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है, पहचान नहीं हो पाने की स्थिति में डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य नेताओं ने हादसे पर दुख व्यक्त किया है।

पुलिस ने कहा कि ‘विदर्भ ट्रेवल्स’ की बस शुक्रवार शाम चार बजे नागपुर से पुणे के लिए निकली थी। पुलिस ने बताया कि रात के खाने के लिए बस यवतमाल जिले के कारंजा में रुकी थी और यात्रा फिर से शुरू करने के कुछ समय बाद बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

बुलढाणा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘डिवाइडर से टकराने के बाद बस दाहिनी ओर गिर गई जिससे बस के प्रवेश/निकास द्वार से निकलना लगभग नामुमकिन हो गया। कुछ ही मिनटों में गाड़ी में आग लग गई। कुछ यात्री टूटी खिड़कियों से बाहर निकलने में सफल रहे।’’

उन्होंने बताया कि बस चालक से पूछताछ के बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बस दुर्घटना में जीवित बचे एक यात्री ने बताया कि उसने और कुछ अन्य यात्रियों ने बस की खिड़की तोड़कर अपनी जान बचाई।

हादसे में जीवित बचे व्यक्ति ने कहा, ‘‘बस का एक टायर फट गया और गाड़ी में तुरंत ही आग लग गई। देखते ही देखते आग फैल गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं और मेरे बगल में बैठा एक यात्री पिछले हिस्से की खिड़की तोड़कर निकलने में सफल रहे।’’

एक स्थानीय निवासी ने कहा कि चार से पांच यात्री बस की एक खिड़की तोड़कर निकलने में कामयाब रहे। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हर कोई ऐसा नहीं कर सका।’’

स्थानीय निवासी ने कहा, ‘‘जो लोग बाद में बस से निकल सके उन्होंने हमें बताया कि उन्होंने राजमार्ग पर दूसरे वाहनों से मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं रुका।’’

उन्होंने कहा कि अगर राजमार्ग से गुजर रहे वाहन मदद के लिए रुकते तो और यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी।

इस बीच, अमरावती क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दुर्घटना का कारण टायर फटना नहीं हो सकता क्योंकि घटनास्थल पर रबर के टुकड़े या टायर के निशान नहीं मिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि जीवित बचे एक यात्री द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, बस सड़क के दाईं ओर एक खंभे से टकरा गई, जिससे चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और बस डिवाइडर से टकरा गई।

पुलिस को संदेह है कि दुर्घटना ‘‘मानवीय भूल’’ के कारण हुई।

राजमार्ग पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि चालक के इस दावे के विपरीत कि टायर फटने के बाद डिवाइडर से टकराने के कारण बस में आग लग गई, पुलिस का मानना है कि चालक को नींद आ गई और उसने वाहन पर नियंत्रण खो दिया।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने बुलढाणा जिले में हुई बस दुर्घटना को गंभीरता से लिया है। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किये जाएंगे।

शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुलढाणा जिले के पिंपलखुटा गांव का दौरा किया, जहां शुक्रवार देर रात दुर्घटना हुई थी। उन्होंने पुलिसकर्मियों, जिला प्रशासन के अधिकारियों और अधिकारियों को दुर्घटना के संबंध में जानकारी देने वाले स्थानीय निवासियों से बातचीत की।

शिंदे ने घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा कि सभी वाहन चालकों को गति सीमा से संबंधित नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर अब तक ज्यादातर हादसे मानवीय गलतियों के कारण हुए हैं। हालांकि, सरकार ने इस दुर्घटना को गंभीरता से लिया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि दुर्घटनाएं न हों।’’

उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय करने से पहले विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के बुलढाणा में शुक्रवार देर रात हुई भीषण बस दुर्घटना पर दुख जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र के बुलढाणा में हुई भीषण दुर्घटना बेहद परेशान करने वाली है, जिसमें बच्चों और महिलाओं सहित कई अनमोल जिंदगियां खत्म हो गईं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति दे। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र के बुलढाणा में हुई भीषण बस दुर्घटना की खबर सुनकर दुखी हूं। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।’’

शाह ने ट्वीट किया, ‘‘महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। दु:ख की इस घड़ी में, मेरी संवेदनाएं इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के साथ हैं। प्रशासन द्वारा घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। मैं ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करके कहा कि हादसे में यात्रियों की मौत बेहद ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’’ है।

उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने यात्रियों की मौत पर शोक व्यक्त किया और कहा कि घायल यात्री खतरे से बाहर हैं।

फडणवीस ने कहा, ‘‘बुलढाणा के पुलिस अधीक्षक द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विदर्भ ट्रैवल्स की बस एक खंभे से टकरा गई और इसका डीजल टैंक फट गया, फिर उसमें आग लग गई।’’

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए एक ‘स्मार्ट सिस्टम’ स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘सिस्टम’ वाहनों की गति की जांच कर उन्हें सचेत करेगा। हालांकि, इसमें कुछ समय लगेगा। तब तक, हमें टोल बूथ पर वाहन चालकों के बीच जागरूकता पैदा करनी होगी कि रात में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के शव इतनी बुरी तरह जल गए हैं कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। पहचान होने के बाद शव परिवारों को सौंप दिये जाएंगे। लेकिन, अगर किसी वजह से शिनाख्त नहीं हो पाती है, तो डीएनए परीक्षण कराया जाएगा।’’

एक्सप्रेस-वे के निर्माण की खराब गुणवत्ता की आलोचना को दरकिनार करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘एक्सप्रेसवे पर अब तक हुई दुर्घटनाओं में केवल वाहनों की गड़बड़ी और मानवीय त्रुटि ही देखी गई है।’’

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शनिवार को महाराष्ट्र के बुलढाणा में बस हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया साथ ही राज्य की एकनाथ शिंदे सरकार पर समृद्धि एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया।

ठाकरे ने एक बयान में कहा कि बुलढाणा में हुई इस दुर्घटना से सरकार की आंखें खुल जानी चाहिए क्योंकि बीते वर्ष से जब से ये एक्सप्रेस-वे खुला है तब से 300 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल दिसंबर में नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग के 520 किलोमीटर लंबे पहले चरण का उद्घाटन किया था। आधिकारिक तौर पर इसे ‘हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग’ का नाम दिया गया है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने हादसे पर दुख व्यक्त किया और कहा कि सरकार को निजी वाहनों की गति सीमा पर अंकुश लगाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।’’

पवार ने कहा कि उन्होंने एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं को लेकर पिछले हफ्ते ही चिंता व्यक्त की थी।

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने कहा कि इस बस दुर्घटना से वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण की खराब गुणवत्ता और मानवीय त्रुटियों के कारण एक्सप्रेस-वे पर दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है।

भाषा शफीक माधव

माधव