इमरान खान के समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन किया

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इमरान खान के समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन किया

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 05:10 PM IST

लाहौर, पांच अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की कैद के तीन साल पूरे होने पर उनके समर्थकों ने बुधवार को पुलिस की कार्रवाई के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किया।

पंजाब प्रांत में पुलिस ने इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (पीटीआई) के 20 से अधिक प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए 73-वर्षीय खान भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद पांच अगस्त, 2023 से जेल में हैं। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और इनमें से कुछ मामलों में हुई सजाएं या तो निलंबित कर दी गई हैं या रद्द कर दी गई हैं। हालांकि, अन्य मामलों में मुकदमे लंबित होने के कारण वह अब भी जेल में हैं।

खान की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पाकिस्तान के चार प्रांतों में कई स्थानों पर रैलियां आयोजित करने के लिए अधिकारियों से अनुमति मांगी थी।

पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में हालांकि प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली, जिसके बाद पेशावर में आयोजित एक जनसभा पार्टी के अभियान का मुख्य केंद्र बन गई है, जिसमें मुख्य रूप से इमरान खान की रिहाई की मांग की गई।

खान की कम से कम दो बहनों के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में जनसभा को संबोधित करने की संभावना है। इस प्रांत में उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सत्ता में है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता शेख वकास अकरम ने कहा कि अन्य जगहों पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने क्षेत्रीय इकाइयों में अपने कार्यकर्ताओं से रैलियां आयोजित करने को कहा।

इसके बाद पुलिस ने सख्ती की और पंजाब में गिरफ्तारियां हुईं। अकरम ने कहा, ‘‘लेकिन हम उनके (खान के) लिए बाहर निकलेंगे।’’

पार्टी के वकील अबूजर सलमान नियाजी ने कहा, ‘‘पंजाब पुलिस ने इमरान खान के गृहनगर मियांवाली में उनकी रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 20 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।’’

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ की दक्षिण एशिया के लिए कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि पाकिस्तान के अधिकारियों ने ‘‘इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से जानबूझकर वंचित रखा। उन्हें लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा तथा उनके इलाज एवं लोगों से मिलने-जुलने के अधिकारों को सीमित किया’’।

भाषा सुरभि सुरेश

सुरेश