(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, 23 मई (भाषा) लेबनान में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवारत भारतीय शांतिरक्षक, मेजर अभिलाषा बराक को विश्व संस्था द्वारा प्रतिष्ठित ‘‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’’ के लिए नामित किया गया है।
पश्चिम एशियाई देश में तैनाती के दौरान महिलाओं और लड़कियों के साथ किए गए संपर्क प्रयासों के लिए बराक को 2025 का ‘‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’’ प्रदान किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मेजर अभिलाषा बराक को 2025 का ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ प्रदान किया जाएगा है। उन्हें महिलाओं और किशोरियों के साथ संपर्क कायम करने और सामुदायिक गतिविधियों तथा शांतिरक्षकों को लैंगिक संवेदनशीलता प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सम्मानित किया जा रहा है।’’
बराक संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूएनआईएफआईएल) में महिला सहभागिता दल (एफईटी) की कमांडर के रूप में भारतीय बटालियन में कार्यरत हैं। वह भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट भी हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 29 मई को सम्मानित किया जाएगा। विश्व संस्था 29 मई को हर वर्ष मनाए जाने वाले संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस का आयोजन करती है।
भारत के लिए यह गर्व का क्षण है क्योंकि बराक देश की तीसरी महिला हैं जिन्हें लैंगिक समानता के संबंध में उनके कार्यों के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जा रहा है। बराक से पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया था।
भाषा सुरभि खारी
खारी