मणिपुर के मुख्यमंत्री ने बम हमले में मारे गए दो बच्चों के मामले में कड़ी कार्रवाई का वादा किया

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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने बम हमले में मारे गए दो बच्चों के मामले में कड़ी कार्रवाई का वादा किया

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  • Publish Date - April 9, 2026 / 10:21 PM IST,
    Updated On - April 9, 2026 / 10:21 PM IST

इंफाल, नौ अप्रैल (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार बिष्णुपुर बम हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केंद्र के साथ तालमेल कर सभी आवश्यक उपाय कर रही है। इस बम हमले में दो बच्चों की मौत हो गई थी जिसे लेकर घाटी के पांचों जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शीर्ष नागरिक और पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास करने का निर्देश भी दिया।

सिंह ने कहा कि सरकार प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने और स्थिति को सामान्य बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ लगातार संपर्क में है।

मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में ‘ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गनाइजेशन’ (एएमयूसीओ) और अन्य समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ये टिप्पणियां कीं।

इस बैठक में राज्य के गृह मंत्री के. गोविंदास सिंह और कई विधायक भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्होंने विचार-विमर्श को ‘रचनात्मक और सार्थक’ बताया।

बिष्णुपुर घटना को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे शांति स्थापित करने के लिए जारी प्रयास बाधित हुए हैं।

उन्होंने कहा, ‘इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है।’

उन्होंने आश्वासन दिया कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और कानून के अनुसार उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।

सिंह ने कहा, ‘सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने, सामान्य स्थिति बहाल करने और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने सामाजिक संगठनों और जनता से शांति बहाल करने में सहयोग देने का आग्रह किया।

यह बैठक एएमयूसीओ के तत्वावधान में सैकड़ों लोगों द्वारा क्वाकेइथेल के पास स्थित उसके कार्यालय से रैली निकालने के बाद आयोजित की गई थी, जिसमें हत्याओं की निंदा की गई थी और अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी।

हमले में मारे गए दो नाबालिगों के पोस्टर लिए हुए कई बच्चे भी रैली में शामिल हुए, जिसे सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने से रोक दिया।

बाद में एएमयूसीओ के प्रतिनिधियों को पुलिस की सुरक्षा में सचिवालय में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए ले जाया गया।

बिष्णुपुर जिले के ट्रोंगलाओबी में सात अप्रैल को संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा एक घर पर बम फेंके जाने से पांच वर्षीय एक लड़के और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद लगभग 500 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने ट्रोंगलाओबी से कुछ सौ मीटर दूर गेलमोल के पास स्थित सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोल दिया। भीड़ ने तोड़फोड़ की तथा सुरक्षा वाहनों को आग के हवाले कर दिया।

सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई जबकि 30 लोग घायल हो गए।

इससे पहले दिन में इंफाल पश्चिम जिले के समुरो में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के सरकारी बंगले की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों ने बिष्णुपुर जिले के मोइरांग लामखाई और निंगथौखोंग में टायर जलाए और वाहनों की आवाजाही रोक दी।

इसी तरह की घटनाएं इंफाल पूर्वी जिले के खुराई और थौबल व काकचिंग जिलों के कुछ हिस्सों में भी देखी गयीं।

बुधवार रात को इंफाल पूर्वी जिले के खुराई लामलॉन्ग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं, जहां प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी का सहारा लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।

इससे पहले, ट्रोंगलाओबी घटना के बाद चलाए गए अभियानों के दौरान पुलिस ने ‘यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी’ के तीन संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया था।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है कि गिरफ्तार किए गए लोग विस्फोट से सीधे तौर पर जुड़े हुए थे या नहीं।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने बाद में नागरिक और पुलिस अधिकारियों को राज्य में स्थिति पर कड़ी नजर रखने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा।

सिंह ने मुख्यमंत्री सचिवालय में ट्रोंगलाओबी घटना के परिणामस्वरूप उत्पन्न सुरक्षा परिदृश्य के मद्देनजर आयोजित एक सुरक्षा बैठक के दौरान ये निर्देश दिए।

इस बैठक में गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम, मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारी भी उपस्थित थे।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सिंह ने ‘उच्च पदस्थ नागरिक और पुलिस अधिकारियों को स्थिति पर कड़ी नजर रखने और कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास करने की सलाह दी।’

भाषा

शुभम माधव

माधव