दुबई नौ अप्रैल (एपी) इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने लेबनान के साथ ‘‘यथाशीघ्र’’ सीधी बातचीत करने की मंजूरी दे दी है, जबकि पश्चिम एशिया संघर्ष में अस्थायी युद्धविराम बेरूत पर इजराइली बमबारी के कारण कमजोर पड़ता नजर आ रहा है।
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह आदेश लेबनान के अनुरोधों के जवाब में दिया है और बातचीत में मुख्य जोर हिजबुल्ला को निरस्त्र करने तथा पड़ोसी देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करने पर होगा।
उन्होंने बेरूत को सैन्य-मुक्त क्षेत्र बनाने के लेबनान के प्रधानमंत्री के आह्वान का स्वागत किया।
लेबनान की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
युद्ध विराम, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान द्वारा अपनी पकड़ बनाये रखने और प्रस्तावित शांति वार्ता में कोई आम सहमति बन पाने की अनिश्चितता के कारण भी प्रभावित हो रहा है।
ईरान और अमेरिका, दोनों ने ही युद्धविराम की घोषणा के बाद अपनी-अपनी जीत का दावा किया था। वे अब एक-दूसरे पर दबाव डालते नजर आ रहे हैं। ईरान की कुछ अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने संकेत दिया है कि ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं। यह तेल के परिवहन के लिए एक बेहद अहम जलमार्ग है, जिसे तेहरान ने बंद कर दिया है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है, तो अमेरिकी सेना उस पर पहले से भी कहीं ज़्यादा ज़ोरदार हमला करेगी।
इस बात पर भी असहमति है कि क्या युद्धविराम समझौते में इजराइल और हिजबुल्ला के बीच लड़ाई में विराम भी शामिल है।
बुधवार को इजराइल ने बेरूत पर ज़ोरदार हवाई हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से लेबनान में यह सबसे घातक दिन साबित हुआ।
इसके अलावा, ये सवाल भी बने हुए हैं कि तनाव की मूल वजह ईरान के संवर्द्धित यूरेनियम के भंडार का क्या होगा, जलडमरूमध्य से सामान्य आवाजाही कैसे और कब फिर से शुरू होगी और भविष्य में मिसाइल हमले करने तथा इस क्षेत्र में सशस्त्र गुटों को समर्थन देने की ईरान की ताकत क्या बनी रहेगी।
युद्धविराम की नाज़ुक और विवादित प्रकृति के बावजूद, ऐसा प्रतीत होता है कि इसने ईरान द्वारा अपने खाड़ी अरब पड़ोसियों और इजराइल पर हफ़्तों से जारी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक दिया है। बृहस्पतिवार को किसी भी नये हमले की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। अमेरिका या इजराइल द्वारा ईरान को निशाना बनाकर किए गए हमलों की भी कोई रिपोर्ट नहीं है।
इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्ला पर हमले जारी रखने का संकल्प लिया है।
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबफ़ ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए चेतावनी दी कि लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकी समूह पर इजराइल के लगातार हमलों का ‘‘कड़ा जवाब’’ मिलेगा।
क़ालिबफ़ के बारे में एक संभावित वार्ताकार के तौर पर चर्चा हो रही है, जो इस हफ़्ते के आखिर में इस्लामाबाद में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से मिल सकते हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि शनिवार से शुरू होने वाली बातचीत के लिए वेंस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे।
ईरान ने कहा कि इजराइल युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, और ट्रंप ने कहा कि ऐसा नहीं है।
नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल हिजबुल्ला पर ‘‘पूरी ताकत, सटीकता और दृढ़ता के साथ’’ हमले जारी रखेगा।
इजरायल ने कहा कि उसने हिजबुल्ला नेता नईम कासिम के एक सहयोगी, अली यूसुफ़ हर्षी को मार गिराया है। हिजबुल्ला ने इस पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया।
न्यूयॉर्क स्थित एक ‘थिंक टैंक’ ने चेतावनी दी कि युद्धविराम ‘‘टूटने की कगार पर है।’’
सूफ़ान सेंटर ने एक विश्लेषण में लिखा, ‘‘भले ही लेबनान औपचारिक रूप से इस समझौते से बाहर था, लेकिन इजराइल के हमलों के पैमाने को संभवतः तनाव बढ़ाने वाला माना जाएगा।’’
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने बृहस्पतिवार को एक चार्ट प्रकाशित किया, जिसमें यह संकेत दिया गया है कि देश के अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाई थीं। इस संदेश का उद्देश्य अमेरिका पर दबाव डालना हो सकता है।
एपी सुभाष माधव
माधव
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