शह मात The Big Debate: ‘प्रेगेनेंसी’ पर शोर.. कौन सी कड़ी कमजोर? सदन में गूंजा पोटा केबिन की गर्भवती छात्राओं का मामला, पूर्व सीएम ने लगाए आरोप, मंत्री जी ने दिया जवाब

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शह मात The Big Debate: छत्तीसगढ़ विधासभा के बजट सत्र के शून्यकाल में पोटा केबिन की तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला गूंजा।

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 11:37 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 11:41 PM IST

शह मात The Big Debate | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • छत्तीसगढ़ विधासभा के बजट सत्र के शून्यकाल में पोटा केबिन की तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला गूंजा।
  • विपक्ष का सीधा आरोप है कि गंगालूर पोटा केबिन की तीन बच्चियों के गर्भवती होने की घटना बेहद गंभीर है।
  • पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी दोषियों को बचाने लीपापोती कर रही है।

शह मात The Big Debate: रायपुर: छत्तीसगढ़ विधासभा के बजट सत्र के शून्यकाल में बीजापुर जिले के गंगालूर पोटा केबिन की तीन नाबालिग छात्राओं के गर्भवती होने का मामला गूंजा। विपक्ष का सीधा आरोप है कि गंगालूर पोटा केबिन की तीन बच्चियों के गर्भवती होने की घटना बेहद गंभीर है। कांग्रेस ने मांग की कि सदन में मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाकर विषय पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। (शह मात The Big Debate) मगर आसंदी ने इसे अस्वीकार कर दिया गया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि बीजेपी दोषियों को बचाने लीपापोती कर रही है। PCC चीफ दीपक बैज ने मुद्दे पर जल्द ही जांच कमेटी बनाने और बड़ा प्रदर्शन करने की बात कही।

एक तरफ विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार होने पर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकऑउट कर दिया तो सरकार की तरफ से जवाब दिया, (शह मात The Big Debate)  प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने- कहा कि, ये घटना सरकारी संरक्षण नहीं हुई है, तीनों मामले में परिजन और बच्चियों ने लिखित में जानकारी दी है, जहां वे स्वयं जाकर निरीक्षण करेंगे।

शह मात The Big Debate:  वाकई मुद्दा गंभीर है, जांच का विषय है, दावों पर यकीन कर भी लें तो भी पोटाकेबिन के जिम्मेदार बच्चियों के प्रेग्नेंट होने की बात से पल्ला नहीं झाड़ सकते। (शह मात The Big Debate) आखिर उनकी 3 छात्राएं पढ़ाई के बीच कैसे प्रेग्नेंट हुईं? वे घर भी गई थीं तो भी मामले को रिपोर्ट क्यों नहीं किया गया? क्या वाकई अब इस मामले की तह तक जाकर दोषी पड़के जाएंगे, सामने लाए जाएंगे?

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