नाम बदलने के बाद संयुक्त राष्ट्र में नाउरू ने कहा : ‘हमारा नाम बोलिए, नाओएरो’

नाम बदलने के बाद संयुक्त राष्ट्र में नाउरू ने कहा : ‘हमारा नाम बोलिए, नाओएरो’

नाम बदलने के बाद संयुक्त राष्ट्र में नाउरू ने कहा : ‘हमारा नाम बोलिए, नाओएरो’
Modified Date: September 23, 2026 / 10:38 am IST
Published Date: September 23, 2026 10:38 am IST

न्यूयॉर्क, 23 सितंबर (एपी) दक्षिण प्रशांत के छोटे से द्वीपीय देश नाउरू के राष्ट्रपति डेविड अडियांग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने देश की विरासत से जुड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि नाउरू का नाम बदल गया है और यह ‘नाओएरो’ हो गया है।

डेविड अडियांग ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र में कहा, ‘‘मैंने लंबी यात्रा की है।’’

अडियांग ने कहा कि कई वर्षों से दुनिया जिस देश को नाउरू के नाम से जानती थी, वह अपने पुराने नाम और उसके पुराने उच्चारण ‘नाओएरो’ की ओर लौट रहा है।

अडियांग ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कहा, ‘‘किसी राष्ट्र के जीवन में ऐसे क्षण आते हैं जब उसके लोगों से यह याद करने का आह्वान किया जाता है कि वे हमेशा से कौन रहे हैं। हमारे लिए यह ऐसा ही एक क्षण है।’’

हालांकि दोनों नाम मिलते-जुलते हैं और मूल रूप से एक ही शब्द हैं, लेकिन वर्तनी और उच्चारण में बदलाव देश के लिए खुद को नए रूप में पेश करने—यहां तक कि अपनी नई पहचान बनाने—की कोशिश को दर्शाता है।

यह प्रयास जितना बाहरी दुनिया के लिए है, उतना ही नाउरू के अपने लोगों के लिए भी है।

अडियांग ने इसे बदलाव नहीं, बल्कि “एक सच्चाई की पुष्टि” करने का प्रयास बताया।

उन्होंने कहा, “कई वर्षों से दुनिया हमारे देश को नाउरू के नाम से जानती है। नाउरू वह नाम है, जिसे हमारा नाम ठीक से बोल नहीं पाने वालों को मुश्किल लगता था और दुनिया ने भी इसे अपना लिया। लेकिन यह वह नाम नहीं है, जिसका इस्तेमाल हमारे लोग आपस में करते थे।”

लगभग आठ वर्ग मील क्षेत्रफल और करीब 12,000 की आबादी वाला यह देश लंबे समय तक ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के औपनिवेशिक शासन के अधीन रहने के बाद 1968 में स्वतंत्र हुआ।

देश ने फरवरी में अपनी मंशा का संकेत देने के बाद अगस्त में नाम बदलने की घोषणा की थी।

एपी रंजन राजकुमार

राजकुमार


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