बार्सिलोना, 11 जून (एपी) संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि संघर्ष या उत्पीड़न के कारण लोगों का मजबूरी में विस्थापन एक दशक में पहली बार 2025 में कम हुआ। हालांकि, एजेंसी ने बृहस्पतिवार को अपनी वार्षिक रिपोर्ट में चेतावनी दी कि 11.8 करोड़ लोगों का अपने घर या देश छोड़ने के लिए मजबूर होना अब भी चिंताजनक रूप से उच्च स्तर पर है।
संबंधित एजेंसी के अनुसार, 2025 के अंत तक संघर्ष, हिंसा या उत्पीड़न के कारण जबरन विस्थापित हुए लोगों की कुल संख्या 11.78 करोड़ थी। इस आंकड़े में शरणार्थी, शरण चाहने वाले , आंतरिक रूप से विस्थापित और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकता वाले अन्य समूह शामिल हैं। यह एक दशक में पहली बार है जब इस आंकड़े में गिरावट आई है।
संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुख्य सांख्यिकीविद् तारेक अबू चाबाके ने कहा कि इस गिरावट के पीछे अन्य कारणों के साथ-साथ घर लौटने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि और कई शरणार्थियों द्वारा अपने मेजबान देशों की नागरिकता प्राप्त कर लेना शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त ने कहा कि वैश्विक स्तर पर मुख्य रूप से संघर्ष के कारण विस्थापितों की संख्या अस्वीकार्य रूप से अधिक है।
एपी नेत्रपाल नरेश
नरेश