(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, चार मई (भाषा) नेपाल मंत्रिमंडल ने सोमवार को संवैधानिक परिषद से संबंधित अध्यादेश को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के पास पुनः भेजने का निर्णय लिया। यदि इस अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाती है, तो सरकार संवैधानिक निकायों के प्रमुखों की नियुक्ति कर सकेगी।
यह घटनाक्रम राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा रविवार को अध्यादेश (संवैधानिक परिषद का प्रथम संशोधन) को पुनर्विचार के लिए मंत्रिमंडल को वापस भेजने के एक दिन बाद हुआ है।
सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि यह निर्णय नेपाल के प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिपरिषद के कार्यालय ‘सिंहदरबार’ में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अध्यादेश को बिना किसी बदलाव के राष्ट्रपति के पास फिर से भेजा है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल ने 27 अप्रैल को अध्यादेश को पौडेल के विचार के लिए भेजा था।
राष्ट्रपति कार्यालय ने रविवार को बताया कि पौडेल ने अध्यादेश को वापस भेजने का निर्णय लिया, क्योंकि उन्हें लगा कि इसकी सामग्री पर सरकार द्वारा और समीक्षा एवं पुनर्विचार की आवश्यकता है।
इस अध्यादेश की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी।
यदि इस अध्यादेश को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल जाती है, तो सरकार के पास मुख्य न्यायाधीश सहित उन महत्वपूर्ण संवैधानिक पदों पर नियुक्तियां करने का रास्ता खुल जाएगा, जो कुछ समय से रिक्त हैं।
नेपाली कांग्रेस ने कहा है कि संसद सत्र को स्थगित करके अध्यादेश लाने के सरकार के कदम ने उसका ध्यान खींचा है।
भाषा सुरभि नरेश दिलीप
दिलीप