Nepal Flood Update News: नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, अभी भी 4 हजार लोग लापता, रेस्क्यू में जुटीं भारत-चीन की टीमें

Nepal Flood Update News: नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, अभी भी 4 हजार लोग लापता, रेस्क्यू में जुटीं भारत-चीन की टीमें

Nepal Flood Update News: नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, अभी भी 4 हजार लोग लापता, रेस्क्यू में जुटीं भारत-चीन की टीमें

Nepal Flood Update News | Photo Credit: IBC24

Modified Date: September 1, 2026 / 08:57 am IST
Published Date: August 1, 2026 8:56 am IST
HIGHLIGHTS
  • नेपाल में कुदरत का कहर!
  • बाढ़ से 939 मौतें
  • 4 हजार लोग लापता

काठमांडू: Nepal Flood Update News नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 939 हो गई जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं। (Nepal flash flood) अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 10,000 से अधिक लोगों को बचाया जा चुका है और बचाव दल रुक-रुक कर हो रही बारिश, उफनती नदियों, क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के बीच फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों तबाह

Nepal Flood Update News नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के कारण 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को अपने साथ नीचे की ओर ले गई, जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। इस आपदा में चीनी क्षेत्र में भी 16 लोगों की मौत हुई है जबकि चीनी मीडिया में आईं खबरों के अनुसार तिब्बत में करीब 550 लोग अब भी लापता हैं।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि बचाव दल नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विभिन्न जलविद्युत परियोजना स्थलों पर 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इनमें से कई लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। एक स्थान पर बचाव दलों को बंद सुरंग तक पहुंचने में परेशानी हुई, जिसके बाद नियंत्रित विस्फोट किया गया। इन अभियानों में भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें बचाव दलों की सहायता कर रही हैं। नेपाल ने सुरंगों में बचाव कार्य और फोरेंसिक जांच के लिए विशेष उपकरणों व तकनीकी सहायता समेत अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी है।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश ने अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए जांच किट और लाइडार जैसी जरूरी गैर-खाद्य सामग्री और सेवाएं मांगी हैं। इसके अलावा सिंगापुर से आपदा पीड़ितों की पहचान (डीवीआई) से जुड़ी सामग्री और चीन व सिंगापुर से बेल्ली पुल तथा अधिक क्षमता वाले ड्रोन मांगे गए हैं।

अब तक नेपाल को शवों के प्रबंधन के लिए एयर टाइट बैग मिले हैं, जबकि और बैग भी भेजे जा रहे हैं। डीएनए विश्लेषण में विशेषज्ञता रखने वाले भारत के 18 फोरेंसिक विशेषज्ञों का दल शनिवार से नेपाल में मौजूद है और अधिकारियों की मदद कर रहा है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने सोमवार को बताया कि नेपाल के चितवन जिले में 279, नवलपरासी पूर्व में 216, नवलपरासी पश्चिम में 168, नुवाकोट में 95, गोरखा में 65, धादिंग में 55, तनहूं में 38 और रसुवा में 23 शव बरामद किए गए हैं।

लापता रिश्तेदारों की तलाश में उमड़ी भीड़

नेपाल के अस्पतालों में अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश करने वाले लोगों की भीड़ उमड़ रही है। अब ध्यान तेजी से मृतकों की पहचान करने पर केंद्रित हो गया है। अस्पतालों की दीवारों के बाहर तस्वीरें चिपकाई गई हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखकर अपने परिजन को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं। सोमवार तक बरामद सैकड़ों शवों में से केवल कुछ दर्जन शवों की ही पहचान हो पाई थी। अधिकारियों ने कहा कि कई शव लंबे समय तक बाढ़ के पानी में रहने के कारण बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं और उन्हें पहचानना मुश्किल है।

128 लोग अब भी लापता

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि नेपाल में अब भी लापता 3,925 लोगों में से कम से कम 39 देशों के 590 विदेशी नागरिक शामिल हैं, जिनमें भारत के लोग भी हैं। इनमें 83 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को कहा था कि नेपाल में 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। रविवार को विदेश मंत्रालय ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर बचाए गए 149 लोगों की सूची साझा की थी।

अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से बचाए गए 10,451 लोगों में स्थानीय लोगों के अलावा भारत, अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन, स्पेन, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, माल्टा, तुर्किये, स्विट्जरलैंड और पुर्तगाल जैसे कई देशों के पर्यटक भी शामिल हैं। नेपाल सरकार ने खोज और बचाव अभियान के लिए 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं। वहीं, फंसे लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए हेलीकॉप्टर लगातार उड़ान भर रहे हैं।

बाढ़ में 19 सड़क पुल और कई राजमार्ग व प्रमुख सड़कें बह गईं। इनमें से एक नेपाल का चीन के साथ मुख्य जमीनी व्यापार मार्ग और दोनों देशों को जोड़ने वाला रसुवागढ़ी सीमा मार्ग भी है। सोमवार को अधिकारियों ने बताया कि गोरखा जिले में भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का बहाव कुछ समय के लिए रुक गया था, लेकिन बाद में पानी का प्रवाह फिर शुरू हो गया। वहीं, बाढ़ प्रभावित रसुवा से बचाए गए घायल लोगों का काठमांडू में इलाज जारी है।

नेपाल बचाव और राहत कार्यों के साथ-साथ गलत सूचनाओं से भी जूझ रहा है। भीषण बाढ़ के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से बनाए गए वीडियो और तस्वीरें बड़ी संख्या में फैल गईं, जिसके बाद सरकार ने पिछले कुछ दिनों में 72 उपयोगकर्ताओं को अनुचित सामग्री हटाने का आदेश दिया है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ ने सोमवार को यह जानकारी दी कि नेपाल के मीडिया नियामक निकाय नेपाल प्रेस काउंसिल ने ‘भोटेकोशी घटना पर विशेष शिकायत’ नाम से एक पोर्टल शुरू किया है, जिसके माध्यम से लोग आपदा से जुड़ी गलत सूचनाओं और आपत्तिजनक सामग्री की शिकायत कर सकते हैं।

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