नेपाल त्रासदी : लापता लोगों की तलाश जारी, बरामद शवों की पहचान बनी चुनौती

नेपाल त्रासदी : लापता लोगों की तलाश जारी, बरामद शवों की पहचान बनी चुनौती

नेपाल त्रासदी : लापता लोगों की तलाश जारी, बरामद शवों की पहचान बनी चुनौती
Modified Date: September 6, 2026 / 02:51 pm IST
Published Date: September 6, 2026 2:51 pm IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, छह सितंबर (भाषा) नेपाल में 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ से मची तबाही के करीब 11 दिन बाद भी बचावकर्मी मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं लेकिन उन्हें बरामद किए जा रहे शवों की पहचान करने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल पुलिस द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, 1,344 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि करीब पांच हजार लोग अब भी लापता हैं। अब तक 13,100 से अधिक लोगों को बचाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक 26 अगस्त को ग्लेशियर से हिमखंड का बड़ा हिस्सा टूटा और इसके बाद भारी मलबे और वेग के साथ निचले इलाकों में पानी बहा और उत्तरी व मध्य नेपाल में बस्तियां तबाह हो गईं।

चीनी मीडिया की खबरों के मुतबिक तिब्बत में भी कम से कम 21 लोगों की मौत हुई है जबकि 500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं।

अधिकारियों के अनुसार, नेपाल में बरामद शवों में से कम से कम 85 बच्चों के थे जबकि लगभग 500 शवों के कुछ अंग गायब थे। कई शवों की हालत ऐसी है कि उनकी पहचान करने में मुश्किल आ रही है।

नेपाल के राष्ट्रिय विपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के मुताबिक चितवन जिले से सबसे अधिक 362 शव बरामद किए गए। इसके बाद प्रभावित जिलों में नवलपरासी पूर्व, नवलपरासी पश्चिम, नुवाकोट, रसुवा, गोरखा, धादिंग और तनहुं शामिल हैं।

एनडीआरआरएमए के अनुसार, केवल 98 शवों की पहचान की गई और उन्हें उनके परिवारों को सौंपा गया।

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि पानी के बहाव में बहकर आए कई शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हैं, या फिर उनके केवल कुछ हिस्से ही मिल पाए हैं।

पुलिस ने कहा है कि आपदा वाली जगहों से दूर बहकर गए शवों और पानी व कीचड़ में दबे शवों की पहचान करना बहुत मुश्किल हो गया है।

नेपाल पुलिस ने शवों और इंसानी अवशेषों की पहचान में मदद के लिए लापता लोगों के रिश्तेदारों से डीएनए नमूने एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की है। नेपाल में रहने वाले रिश्तेदार काठमांडू स्थित नेपाल पुलिस अस्पताल या अपने नजदीकी जिला पुलिस कार्यालय में जाकर नमूने दे सकते हैं।

इस बीच, रविवार तड़के गोरखा जिले में आई बाढ़ में चार मकान और एक झूला पुल बह गए, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।

पुलिस ने ताया कि नम्रुंग खोला नदी के उफान पर आने के बाद चुमनुबरी गांउपालिका-4 में बाढ़ आ गई। बाढ़ देख निवासी सुरक्षित स्थानों पर चले गए, लेकिन चार मकान बह गए।

अधिकारियों के मुताबिक नदी के उद्गम स्थल के नजदीक बहाव में कीचड़ और मलबा आने से संभवत: बहाव बाधित हो गया होगा। नम्रुंग खोला नदी बूढ़ी गंडकी नदी में मिलती है, और बूढ़ी गंडकी के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, बाढ़ से नामरुंग इलाके में दो छोटी पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। झूला पुल के बह जाने के कारण इलाके में आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

भाषा धीरज नेत्रपाल शोभना

शोभना


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