नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली की पार्टी ने प्रचंड नीत सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली की पार्टी ने प्रचंड नीत सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली की पार्टी ने प्रचंड नीत सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया
Modified Date: February 27, 2023 / 04:12 pm IST
Published Date: February 27, 2023 4:12 pm IST

काठमांडू, 27 फरवरी (भाषा) नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल पार्टी ने राजनीतिक समीकरण में बदलाव का हवाला देते हुए पुष्प कमल दहल ‘‘प्रचंड’’ के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने का सोमवार को फैसला किया।

ओली के इस फैसले से दो महीने पुराने सत्तारूढ़ गठबंधन को एक और झटका लगा है। ‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार के अनुसार नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने सोमवार को पार्टी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद औपचारिक घोषणा की।

सीपीएन-यूएमएल के उपाध्यक्ष बिष्णु पौडेल ने कहा, ‘‘नेपाल के प्रधानमंत्री के अलग तरीके से काम करने और राष्ट्रपति चुनाव से पहले बदले हुए राजनीतिक समीकरण के कारण हमने सरकार से हटने का फैसला किया।’’

ओली के गठबंधन से हटने का मुख्य कारण यह है कि प्रचंड ने राष्ट्रपति पद के लिए नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम चंद्र पौडेल का समर्थन करने का फैसला किया है। पौडेल विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस से हैं। उनकी पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर है।

नेपाल में राष्ट्रपति चुनाव नौ मार्च को होगा। ओली ने पौडेल के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए सीपीएन-यूएमएल पार्टी के सदस्य सुबास नेमबांग को नामित किया है।

भाषा आशीष दिलीप

दिलीप


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