नेपाल की शीर्ष अदालत ने ओली और लेखक के खिलाफ जांच बृहस्पतिवार तक पूरी करने का निर्देश दिया

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नेपाल की शीर्ष अदालत ने ओली और लेखक के खिलाफ जांच बृहस्पतिवार तक पूरी करने का निर्देश दिया

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 10:38 PM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 10:38 PM IST

काठमांडू, छह अप्रैल (भाषा) नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने अपदस्थ प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक के खिलाफ जांच बृहस्पतिवार तक पूरी करने या उन्हें हिरासत से रिहा करने का आदेश सोमवार को प्राधिकारियों को दिया।

नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के अध्यक्ष ओली और नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लेखक को पिछले महीने 8 और 9 सितंबर को हुए जेन जेड आंदोलन को दबाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें 76 लोगों की मौत हो गई थी।

रविवार को, पुलिस द्वारा मामले की जांच के लिए और समय मांगे जाने के बाद, एक जिला अदालत ने उनकी हिरासत तीसरी बार पांच दिनों के लिए बढ़ा दी। न्यायिक हिरासत बृहस्पतिवार को समाप्त हो जाएगी।

सोमवार को, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बिनोद शर्मा और न्यायमूर्ति सुनील कुमार पोखरेल की संयुक्त पीठ ने ओली और लेखक की जांच अवधि नहीं बढ़ाने का एक सशर्त आदेश जारी किया।

काठमांडू पोस्ट ने अदालत के आदेश का हवाला देते हुए बताया, ‘‘जांच पूरी करें और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें, या राष्ट्रीय दंड प्रक्रिया संहिता के अनुसार ओली और लेखक को हिरासत से रिहा करें।’’

उसने कहा कि यदि अभियोजन पर सहमति बनती है, तो अधिकारियों को तदनुसार आगे बढ़ना चाहिए। यदि नहीं, तो दोनों को हिरासत अवधि समाप्त होने पर रिहा कर दिया जाना चाहिए।

उच्चतम न्यायालय ने यह फैसला ओली और लेखक की ओर से अदालत में दाखिल अलग-अलग बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुनाया।

इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि ओली और लेखक को बृहस्पतिवार को जमानत पर रिहा किए जाने की संभावना है।

ओली (75) विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होने के कारण वर्तमान में त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस अस्पताल में उनका बयान दर्ज कर रही है। लेखक (62) का बयान पुलिस हिरासत में दर्ज किया जा रहा है।

भाषा

अमित दिलीप

दिलीप