(अदिति खन्ना)
लंदन, छह अप्रैल (भाषा) हाल ही में नृत्य के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘मेंबर ऑफ द ऑडर ऑफ द ब्रिटिश अंपायर’ (एमबीई) का सम्मान पाने वाले कथक नर्तक बलबीर सिंह का मानना है कि यह शाही सम्मान भारतीय शास्त्रीय कला रूपों की गुरु-शिष्य परंपरा का उत्सव है।
भारत में जन्मे और ब्रिटेन में पले-बढ़े सिंह ने पद्मश्री गुरु प्रताप पवार के मार्गदर्शन में कथक का प्रशिक्षण प्राप्त किया है और वर्षों से इस परंपरा को समकालीन ब्रिटिश सांस्कृतिक जीवन में आगे बढ़ा रहे हैं।
उत्तरी इंग्लैंड के लीड्स में स्थित बलबीर सिंह डांस कंपनी (बीएसडीसी) के संस्थापक के रूप में, कलात्मक निर्देशक पिछले दो दशकों से ब्रिटेन में कथक और समकालीन नृत्य को एक साथ लाने के लिए एक मंच बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सिंह ने कहा, ‘जब मुझे पता चला कि मुझे यह सम्मान मिलेगा, तो मेरा ध्यान तुरंत अपने माता-पिता और अपने गुरुजी की ओर गया।’
उन्होंने हाल ही में दक्षिण-पूर्वी इंग्लैंड के विंडसर कैसल में आयोजित एक समारोह में एमबीई से सम्मानित किया गया।
भाषा राखी रंजन
रंजन