दुबई, छह अप्रैल (एपी) इजराइल ने ईरान के विशाल ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित एक अहम पेट्रो-संयंत्र पर हमला किया। इजराइली हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक शीर्ष कमांडर की मौत हो गई। इस घटना ने युद्धविराम कराने के उद्देश्य से अमेरिका और तेहरान के बीच जारी बातचीत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज़ ने इस हमले की पुष्टि की। उन्होंने इसे ‘‘ईरान के सबसे बड़े पेट्रो-रसायन प्रतिष्ठान पर एक भीषण हमला’ बताया।
इस संयंत्र से ईरान का करीब 50 प्रतिशत पेट्रो-रसायन उत्पादन होता है।
इजराइल के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादाव शोशानी ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ने के बीच ईरान को ‘‘कोई छूट नहीं’’ मिलेगी।
साउथ पार्स गैस क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है।
हमले के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस ने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया।
मार्च में साउथ पार्स पर इजराइल के हमले के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इज़राइल दोबारा उस पर हमला नहीं करेगा; लेकिन उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने कतर के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और इस पूरे क्षेत्र को ‘‘पूरी तरह से तबाह’’ कर देगा।
इजराइल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर कई बड़े हमले किए, जिनमें 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं। होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के लिए ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समयसीमा नजदीक आने के बीच मध्यस्थों ने युद्धविराम का नया प्रस्ताव पेश किया है।
तेहरान में धमाकों की गूंज सुनाई दी, और राजधानी पर लगातार हमले होते रहने के कारण घंटों तक नीचे उड़ते जेट विमानों की आवाज़ आती रही। एक हवाई हमले में शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के परिसर को निशाना बनाए जाने के बाद शहर के आज़ादी चौक के पास से घना धुआँ उठता दिखाई दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया और इजराइल के रक्षा मंत्री के अनुसार, तेहरान पर हुए हमलों में मारे गए लोगों में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी भी शामिल हैं।
इज़राइल की सेना ने कहा कि उसने ईरानी अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड की खुफिया इकाई ‘कुद्स फोर्स’ के प्रमुख असगर बाकेरी को भी मार गिराया है।
वहीं, ईरानी मिसाइलों ने उत्तरी इजराइल के शहर हाइफा को निशाना बनाया, जहां एक रिहायशी इमारत के मलबे से चार लोगों के शव बरामद किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में इस्लामशहर के पास हुए हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई। वहीं कोम के एक रिहायशी इलाके पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए, जबकि अन्य शहरों में हुए हमलों में छह और लोगों की मौत हुई।
इसके अलावा, तेहरान में एक घर पर हुए हवाई हमले में तीन और लोगों की मौत हो गई। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसकी पुष्टि की।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ता हुआ दिखा, जहां कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के लगातार हमलों और होर्मुज जलडमरुमध्य पर नियंत्रण के कारण वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में बढ़कर 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।
घरेलू दबाव के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समयसीमा के अंदर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा और देश को “पाषाण काल” में पहुंचा देगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा।”
उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो “आप नर्क जैसी स्थिति में रहेंगे।”
युद्ध रोकने के प्रयास के तहत मध्यस्थ देशों मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये ने ईरान और अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरुध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है, ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता तलाशने के लिए समय मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव रविवार देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया, लेकिन ईरान और अमेरिका ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
एपी नेत्रपाल अविनाश
अविनाश