नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की आयु में निधन, उनके बेटे ने संभाली गद्दी
नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की आयु में निधन, उनके बेटे ने संभाली गद्दी
स्टावांगेर (नॉर्वे), 28 अगस्त (एपी) नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का निधन हो गया है। वह 89 वर्ष के थे। राजमहल ने शुक्रवार सुबह इसकी सूचना दी।
नाजी कब्जे के दौरान बचपन का कुछ समय निर्वासन में अमेरिका में बिताने वाले हेराल्ड ने उस महिला से शादी करने के लिए यूरोप की कई कुलीन महिलाओं के विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिए थे जिससे वह स्कूल के समय से प्रेम करते थे।
हेराल्ड यूरोप के सबसे उम्रदराज सम्राट थे। लोकप्रिय महाराजा के रूप में उन्होंने राजशाही को आधुनिक रूप दिया, लेकिन हाल के वर्षों में पद छोड़ने वाले अन्य उम्रदराज राजाओं की तरह उन्होंने गद्दी छोड़ने से इनकार कर दिया था।
हेराल्ड के निधन के बाद उनके बेटे हाकोन अष्टम को स्वतः ही राज गद्दी मिल गई है।
यूरोप के अन्य राजतंत्रों की तरह नॉर्वे के राजा की भूमिका भी मुख्य रूप से प्रतीकात्मक है। हालांकि, उन्हें देश में काफी लोकप्रियता हासिल है। करीब 55 लाख की आबादी वाले इस लोकतांत्रिक देश में वास्तविक सत्ता निर्वाचित संसद के पास है।
हेराल्ड ने जनवरी 1991 में उनके पिता राजा ओलाव पंचम के निधन के बाद राजगद्दी संभाली थी। उनके शासनकाल में नॉर्वे ने तेल और गैस के सहारे आर्थिक समृद्धि का दौर देखा।
हेराल्ड का जन्म 1937 में ओस्लो के पास अस्केर में हुआ था। 1370 में राजा ओलाव चतुर्थ के जन्म के बाद हेराल्ड नार्वे के पहले राजकुमार थे, जिनका जन्म नॉर्वे में हुआ था। इसके बाद कई सदियों तक नॉर्वे का अपना कोई राजा नहीं रहा।
वर्ष 1905 में स्वीडन के साथ नॉर्वे का साझा शासन खत्म होने के बाद हेराल्ड के दादा हाकोन सप्तम को नॉर्वे का राजा चुना गया।
एपी खारी मनीषा
मनीषा

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