खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अफरीदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी

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खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अफरीदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी

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  • Publish Date - September 14, 2026 / 04:34 PM IST,
    Updated On - September 14, 2026 / 04:34 PM IST

पेशावर, 14 सितंबर (भाषा) पाकिस्तान की संघीय संवैधानिक अदालत ने खैबर पख्तूनख्वा (केपीके) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को उन्हें नोटिस जारी किया।

पूर्व सांसद और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी से अलग हुए नेता शेर अफजल मरवत ने यह याचिका दायर की थी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर को पद पर बहाल करने का अनुरोध किया गया था।

प्रधान न्यायाधीश अमीनउद्दीन खान की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को याचिका पर सुनवाई की।

अदालत ने अफरीदी और प्रांतीय सरकार को नोटिस जारी किए और मामले में देश के अटॉर्नी जनरल से सहायता मांगी।

अदालत के सामने दलील देते हुए मरवत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री गंडापुर ने स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया था बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई के संस्थापक इमरान खान के कहने पर पद छोड़ा था।

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार किसी सरकारी पद पर बैठे व्यक्ति को स्वेच्छा से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गंडापुर ने अपने इस्तीफे में कहा था कि वह खान के कहने पर ऐसा कर रहे हैं।

मरवत ने तर्क दिया कि उच्चतम न्यायालय ने यह तय किया है कि कोई अयोग्य व्यक्ति किसी प्रतिनिधि के जरिए राज्य का कामकाज नहीं चला सकता।

मरवत ने कहा कि चूंकि जब खान ने कथित तौर पर गंडापुर को इस्तीफा देने का निर्देश दिया था, उस समय वह अयोग्य घोषित किए जा चुके थे इसलिए किसी प्रतिनिधि के माध्यम से राज्य के अधिकारों का इस्तेमाल करना संविधान का उल्लंघन है।

भाषा सुरभि अविनाश

अविनाश