(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, आठ अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बुधवार को कहा कि इस्लामाबाद को अब क्षेत्र में और वैश्विक स्तर पर एक “भरोसेमंद” मध्यस्थ के रूप में मान्यता मिल रही है।
आसिफ ने पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सशर्त युद्ध-विराम समझौता होने के कुछ घंटों बाद इस्लामाबाद में संवाददाताओं से बातचीत में यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “यह (युद्ध-विराम) हमारे पूरे नेतृत्व की सफलता है। हम इसके लिए अल्लाह के शुक्रगुजार हैं।”
आसिफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद पाकिस्तान एक नये युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा, “स्थिरता और शांति कायम होगी।”
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान को अब क्षेत्र में और वैश्विक स्तर पर एक “भरोसेमंद” मध्यस्थ के रूप में मान्यता मिल रही है। उन्होंने कहा, “अरब देशों, हमारे पड़ोसी भाई ईरान ने पाकिस्तान में भरोसा दिखाया और अमेरिका भी हमारी ओर देख रहा है।”
पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बीच पूरे मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर आसिफ ने कहा कि भारतीय नेता के पास “कुछ भी नहीं बचा है।”
भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध-विराम का बुधवार को स्वागत किया, लेकिन पाकिस्तान और इस प्रक्रिया में उसकी भूमिका का जिक्र करने से परहेज किया।
आसिफ ने कहा कि पिछले साल भारत के साथ हुए संघर्ष के बाद से पाकिस्तान ने काफी लंबा सफर तय कर लिया है और ईरान-अमेरिका के बीच हुए युद्ध-विराम समझौते के बाद पूरी दुनिया इस्लामाबाद की ओर देख रही है।
भाषा पारुल माधव
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