लखनऊ, आठ अप्रैल (भाषा) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में की गई खरीद और जेम क्रय नीति की समीक्षा की। यह नीति 26 नवंबर 2024 को जारी की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने उत्तर प्रदेश की जेम क्रय नीति की सराहना की है।
एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री को बताया गया कि केंद्र सरकार ने इसे आदर्श नीति घोषित करते हुए अन्य प्रदेशों को भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू करने को कहा है। इस नीति से शासकीय खरीद में पारदर्शिता व समावेशिता बढ़ी है, जिससे प्रदेश सरकार को निरंतर आर्थिक व सामाजिक लाभ भी मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जेम पोर्टल पर खरीद में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। वित्त वर्ष 2025-26 में 22,337 करोड़ रुपये की खरीद जेम पोर्टल द्वारा की गई, जो सरकार की पारदर्शी नीति को प्रमाणित करती है।
उत्तर प्रदेश द्वारा खरीद में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों का योगदान 43 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत हो गया है। इस बढ़ोतरी में उत्तर प्रदेश आधारित सूक्ष्म व लघु उद्योग का योगदान 82 प्रतिशत पाया गया है।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जेम पोर्टल के रिवर्स ऑक्शन पद्धति द्वारा 9700 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई।
इसके साथ ही महिला उद्यमियों के व्यवसाय में 44 प्रतिशत, एससी-एसटी उद्यमियों के व्यवसाय में 48 प्रतिशत एवं स्टार्टअप उद्यमियों के व्यवसाय में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इस पारदर्शी प्रक्रिया के कारण शासकीय खरीद प्रक्रियाओं से जुड़ी शिकायतों में भी 80 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई, जिससे क्रय प्रक्रिया त्वरित एवं प्रभावी हो सकी। बेहतर जेम क्रय प्रणाली के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के क्रेताओं को कुल 42,648 करोड़ रुपये का व्यवसाय मिला।
मुख्यमंत्री को राज्य के जेम पोर्टल पर उत्तर प्रदेश के शीर्ष 10 विभाग द्वारा की गई खरीद से भी अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि अन्य विभाग भी अनिवार्य रूप से जेम पोर्टल पर खरीद को प्रभावी बनाएं।
भाषा जफर राजकुमार पाण्डेय
पाण्डेय