(एम जु़ल्करनैन)
लाहौर, 29 अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने 97 साल पुराने कानून में बदलाव करते हुए लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र 18 वर्ष तय कर दी है। इसके साथ ही बाल विवाह को एक गैर-जमानती अपराध घोषित किया गया है।
इससे पहले, 13 करोड़ की आबादी वाले पंजाब प्रांत में ‘पंजाब बाल विवाह निषेध अधिनियम, 1929’ के तहत लड़कियों के लिए शादी की न्यूनतम कानूनी उम्र 16 वर्ष थी।
पंजाब की मरियम नवाज सरकार ने पंजाब विधानसभा में ‘बाल विवाह निषेध विधेयक 2026’ पेश किया, जिसे इस सप्ताह पारित कर दिया गया।
नए कानून के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के लड़के या लड़की, दोनों की शादी करना एक गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है। यदि कोई वयस्क पुरुष 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की से शादी करता है, तो उसे तीन साल तक के कठोर कारावास और 5,00,000 पाकिस्तानी रुपये तक के जुर्माने की सजा भुगतनी होगी।
कानून के मुताबिक, ‘ऐसे माता-पिता या अभिभावक जो बाल विवाह को बढ़ावा देते हैं, सुगम बनाते हैं या इसे रोकने में विफल रहते हैं, उन्हें भी तीन साल तक के कठोर कारावास और 5,00,000 रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। निकाह पंजीयक को इस अपराध के लिए एक साल की जेल और 1,00,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।’
कानून में कहा गया है कि बाल विवाह के परिणामस्वरूप साथ रहने को ‘बाल शोषण’ की श्रेणी में रखा जाएगा, जिसके लिए जेल की सजा और न्यूनतम 10 लाख पाकिस्तानी रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।
पंजाब की सूचना मंत्री अजमा बुखारी ने बुधवार को कहा कि यह ऐतिहासिक कानून लाखों लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, आत्मविश्वास विकसित करने और अपने भविष्य के परिवारों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित नींव बनाने में सक्षम बनाएगा।
भाषा सुमित रंजन
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