कराची, 11 जुलाई (भाषा) एक प्रमुख पाकिस्तानी मौलवी ने क्रिप्टोकरेंसी के कारोबार के खिलाफ ‘फतवा’ जारी किया है और इस्लामी कानून के तहत इसे ‘हराम’ घोषित किया है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकार डिजिटल संपत्तियों के क्षेत्र को विनियमित करने और बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठा रही है।
इस्लामी विद्वान मुफ्ती मुहम्मद तकी उस्मानी द्वारा जारी किए गए फतवे को पाकिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित सुन्नी इस्लामी मदरसों में से एक दारुल उलूम कराची ने सार्वजनिक किया।
फतवा हालांकि एक धार्मिक राय होती है और यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होता लेकिन फिर भी यह इस बात को प्रभावित कर सकता है कि पाकिस्तान में कई मुसलमान क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार और निवेश को किस नजरिए से देखते हैं।
मदरसे के अनुसार, इस फतवे का कई अन्य इस्लामी विद्वानों ने भी समर्थन किया है।
यह फैसला क्रिप्टोकरेंसी, क्रिप्टो टोकन और स्टेबलकॉइन को शामिल करता है तथा इसमें कहा गया है कि ऐसी डिजिटल संपत्तियां इस्लामी दृष्टिकोण से धन या संपत्ति की परिभाषा को पूरा नहीं करतीं, इसलिए शरीयत के तहत इनकी खरीद-बिक्री की अनुमति नहीं है।
यह फतवा ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान सरकार क्रिप्टोकरेंसी को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
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