श्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, शीर्ष नेतृत्व से करेंगे बातचीत
श्रीलंका पहुंचे राजनाथ सिंह, शीर्ष नेतृत्व से करेंगे बातचीत
कोलंबो, आठ सितंबर (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे और इस दौरान वह द्वीपीय देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे।
इस दौरे का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है।
रवाना होने से पहले सिंह ने कहा कि वह इस यात्रा के दौरान श्रीलंका के नेतृत्व के साथ सार्थक बातचीत को लेकर उत्साहित हैं।
सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत और श्रीलंका की दीर्घकालिक साझेदारी, गहरे ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों के अलावा, द्वीप देश पड़ोसी प्रथम और ‘महासागर’ पहल के तहत हमारे सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक है।”
सिंह का भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका के उपरक्षा मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अरुणा जयशेखरा और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा ने स्वागत किया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिंह का श्रीलंका में गर्मजोशी व पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जो भारत और श्रीलंका के बीच करीबी एवं लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को दर्शाता है।
मंत्रालय के अनुसार, सिंह रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाले एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
मंत्रालय ने बताया कि सिंह श्रीलंका के नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे और इन चर्चाओं का उद्देश्य पारंपरिक रूप से मजबूत व मैत्रीपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
इस चर्चा में दोनों देशों के हितों से जुड़े क्षेत्रों, विशेष रूप से मजबूत समुद्री और रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाना शामिल है।
सिंह की यात्रा के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच तीन द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनमें एक वायु रक्षा सहयोग से संबंधित है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
हेराथ ने कहा कि सिंह की यात्रा रक्षा सहयोग से आगे बढ़कर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगी।
उन्होंने बताया कि अन्य दो समझौते दोनों देशों के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और राष्ट्रीय रक्षा कॉलेजों के बीच आदान-प्रदान से जुड़े हैं।
इन समझौतों का उद्देश्य संयुक्त प्रशिक्षण और प्रशिक्षक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना है।
हेराथ ने कहा कि भारत ने 2000 से 2006 के बीच श्रीलंका वायुसेना को 24, 40 मिमी एल70 वायु रक्षा तोपें उपलब्ध कराई थीं और हाल के वर्षों में इनमें से 18 तोपों का निशुल्क रखरखाव भी किया है।
नए समझौते के तहत भारत शेष छह एल70 वायु रक्षा तोपों के रखरखाव के लिए निशुल्क सहायता उपलब्ध कराएगा।
यह किसी भारतीय रक्षा मंत्री की 38 वर्षों में श्रीलंका की पहली यात्रा है।
सिंह ने मंगलवार शाम कोलंबो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंध साझा इतिहास, संस्कृति व आस्था पर आधारित हैं। उन्होंने कहा, “भारत और श्रीलंका करीबी मित्र हैं। हम हर अच्छे-बुरे समय में श्रीलंका के साथ खड़े हैं और दोनों देशों की शांति, समृद्धि तथा विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित अत्याधुनिक स्टील्थ निर्देशित मिसाइल युद्धपोत आईएनएस उदयगिरि भी मंगलवार को कोलंबो बंदरगाह पहुंचा।
श्रीलंका नौसेना ने बताया कि युद्धपोत का नौसैनिक परंपराओं के अनुरूप स्वागत किया गया।
उसने कहा कि श्रीलंका नौसेना के कर्मी युद्धपोत की क्षमताओं से परिचित होने, ज्ञान साझा करने और जहाज पर प्रशिक्षण के लिए आईएनएस उदयगिरि का दौरा भी करेंगे।
आईएनएस उदयगिरि के चालक दल के सदस्य श्रीलंका नौसेना के साथ सद्भावना कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे तथा पर्यटन एवं सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेंगे।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव

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