Russia on Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव तो भड़का रूस, बुलाई इन देशों की बैठक, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव तो भड़का रूस, बुलाई इन देशों की बैठक, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म, Russia on Middle East Conflict

Russia on Middle East Conflict: मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव तो भड़का रूस, बुलाई इन देशों की बैठक, कहा- अंतरराष्ट्रीय कानून अब खत्म
Modified Date: March 9, 2026 / 12:29 am IST
Published Date: March 8, 2026 9:00 pm IST

नई दिल्लीः Russia on Middle East Conflict: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध को अब 8 दिन हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। अब तक की जानकारी के मुताबिक इस युद्ध में हजारों मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों का इस्तेमाल हो चुका है। इस बीच अब इस बीच रूस ने एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है. रूस का कहना है कि जिस ‘अंतरराष्ट्रीय कानून’ की हम बात करते हैं, वह अब लगभग खत्म हो चुका है. इसी बिगड़ते माहौल को देखते हुए रूस ने अब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस पुराने प्रस्ताव को फिर से सबके सामने रखा है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों (P-5) की बैठक बुलाने की सलाह दी गई थी.

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रूसी सरकारी टीवी ‘रूसिया’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात यह दिखाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून की व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है। उनके मुताबिक अब यह स्पष्ट नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किस आधार पर और किसके द्वारा किया जा रहा है। पेसकोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून सैद्धांतिक रूप से यानी ‘डी ज्यूरे’ (De Jure) कागजों में मौजूद हो सकता है, लेकिन व्यवहारिक रूप से यानी ‘डी फैक्टो’ (De Facto) दुनिया की मौजूदा स्थिति में इसका प्रभाव दिखाई नहीं देता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानून का वास्तविक अस्तित्व ही कमजोर हो गया है तो किसी देश से इसके पालन की अपेक्षा करना कठिन हो जाता है।

क्षेत्रीय संघर्षों से बढ़ेगी अस्थिरता

Russia on Middle East Conflict: ईरान पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए पेसकोव ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया की स्थिति लगातार जटिल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष इसी तरह बढ़ते रहे तो इसके राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ सकते हैं।

अमेरिका से स्पष्टीकरण की मांग

इस मुद्दे पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी अमेरिका से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी उन रणनीतियों और योजनाओं को स्पष्ट करना चाहिए जिनके कारण ऐसे हालात बन रहे हैं। लावरोव के अनुसार यह भी बताना जरूरी है कि ये नीतियां मौजूदा अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानदंडों के साथ किस प्रकार मेल खाती हैं।

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