(विनय शुक्ला)
मॉस्को, नौ जनवरी (भाषा) अमेरिकी सुरक्षा बलों द्वारा जब्त टैंकर मेरिनेरा पर सवार तीन भारतीयों सहित चालक दल के अन्य सदस्यों के भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता की स्थिति के बीच रूस ने शुक्रवार को अमेरिका के उस फैसला का स्वागत किया जिसमें जहाज में सवार उसके दो नागरिकों को रिहा करने का फैसला किया गया है।
उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी तटरक्षक बल ने रूसी ध्वज वाले टैंकर मेरिनेरा (जिसे पहले बेला-1 के नाम से जाना जाता था) को बुधवार को जब्त कर लिया था। इस पर 17 यूक्रेनी नागरिक, छह जॉर्जियाई नागरिक, तीन भारतीय नागरिक और दो रूसी नागरिक सवार थे।’’
रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, ‘‘हमारे अनुरोध के जवाब में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तरी अटलांटिक में एक अभियान के दौरान अमेरिका द्वारा जब्त किये गए टैंकर मेरिनेरा के चालक दल के दो रूसी नागरिकों को रिहा करने का फैसला किया है।’’
मंत्रालय के टेलीग्राम चैनल पर जारी बयान में जखारोवा ने कहा, ‘‘हम इस फैसले का स्वागत करते हैं और अमेरिकी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।’’
बयान में कहा गया, ‘‘हम अपने देशवासियों की शीघ्र वतन वापसी सुनिश्चित करने से संबंधित सभी मुद्दों पर तत्काल और व्यावहारिक कार्य शुरू कर रहे हैं।’’ हालांकि, इसमें टैंकर पर सवार चालक दल के अन्य सदस्यों का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
रूसी विदेश मंत्रालय की यह घोषणा मॉस्को द्वारा वाशिंगटन से समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता से संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील करने और उसकी ‘नव-उपनिवेशवादी’ प्रवृत्तियों को दृढ़ता से खारिज करने के एक दिन बाद आई है।
व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास) ने टैंकर को जब्त किए जाने के बाद घोषणा की थी कि चालक दल के सदस्यों को अमेरिका की संघीय अदालत में पेश किया जाएगा।
भाषा धीरज पवनेश
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