Indore Polluted Water: दूषित पानी से बिगड़ती सेहत पर लगेगी रोक, अब गांव-शहर में शुद्ध जल पहुंचाने उतरेगी प्रदेश सरकार, शुरू हो रहा बड़ा अभियान

Indore Polluted Water: Indore Polluted Water के कारण हुई मौतों के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर “स्वच्छ जल अभियान” शुरू करने का निर्णय लिया है।

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 10:47 AM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 10:50 AM IST

Indore polluted water/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • इंदौर की घटना के बाद प्रदेशभर में शुरू होगा “स्वच्छ जल अभियान।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करेंगे शुभारंभ।
  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एक साथ चलेगा स्वच्छ जल अभियान।

इंदौर: Indore Polluted Water के कारण हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेशभर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर “स्वच्छ जल अभियान” शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे। अभियान एक साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा, ताकि प्रदेश के हर नागरिक को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित किया जा सके।

Indore Contamminated Water: हाल में हुई घटनाओं को लेकर लिया गया फैसला

राज्य सरकार का यह कदम हाल की Indore Polluted Water की घटना से सबक लेते हुए उठाया गया है, जहां दूषित जल आपूर्ति के कारण जनहानि की खबरें सामने आईं। सरकार का मानना है कि पेयजल की गुणवत्ता सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ी हुई है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। इसी उद्देश्य से स्वच्छ जल अभियान को मिशन मोड में लागू किया जाएगा।

Indore News: कई विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जुड़ेंगे

अभियान के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के सभी महापौर, नगरीय निकायों के अध्यक्ष, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री अभियान के दिशा-निर्देश जारी करेंगे और संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं परिणामोन्मुखी कार्ययोजना के साथ मैदान में उतरने के निर्देश देंगे।

स्वच्छ जल अभियान के अंतर्गत शहरों और गांवों में पेयजल की गुणवत्ता का व्यापक परीक्षण किया जाएगा। जल स्रोतों, टंकियों, हैंडपंपों और पाइपलाइन से सप्लाई हो रहे पानी के नमूने लेकर उनकी जांच की जाएगी। जहां भी पानी दूषित पाया जाएगा, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही जल आपूर्ति व्यवस्था में मौजूद Polluted Water की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा। अभियान के दौरान पानी की पाइपलाइनों में लीकेज की जांच भी की जाएगी। कई स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज के कारण गंदा पानी साफ पानी में मिल जाता है, जिससे Polluted Water की समस्या उत्पन्न होती है। ऐसे सभी बिंदुओं को चिह्नित कर मरम्मत और आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। साथ ही पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को बदलने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

Madhya Pradesh News: पानी की पाइपलाइन में लीकेज,दूषित पानी की पहचान और सुधार होगा

ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से हैंडपंप, कुएं और जल संरचनाओं की स्वच्छता पर जोर दिया जाएगा। वहीं शहरी क्षेत्रों में ट्रीटमेंट प्लांट, ओवरहेड टैंकों और वितरण प्रणाली की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए जाएंगे कि वे आमजन को स्वच्छ जल के महत्व के प्रति जागरूक करें और किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन तक पहुंचाने की व्यवस्था करें।

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