माली के दो गांवों में सशस्त्र हमलावरों के हमले में कई लोगों की मौत

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माली के दो गांवों में सशस्त्र हमलावरों के हमले में कई लोगों की मौत

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 08:27 AM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 08:27 AM IST

बमाको (माली), आठ मई (एपी) मध्य माली के दो गांवों में सशस्त्र हमलावरों के हमलों में कई लोग मारे गए हैं। अधिकारियों ने एक बयान जारी करके यह जानकारी दी।

इन हमलों की जिम्मेदारी जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) ने ली है। ये हमले पिछले महीने सरकारी बलों पर हुए हमलों के बाद हुए हैं, जिन्हें जेएनआईएम और तुआरेग अलगाववादी समूह अज़ावाद लिबरेशन फ्रंट (एफएलए) ने अंजाम दिया था।

माली में 2020 में तख्तापलट हुआ था जिसके बाद से वहां सैन्य जुंटा का शासन है और उसने चरमपंथी हमलों में वृद्धि के बीच सुरक्षा बहाल करने का वादा किया था। सत्ता हासिल करने के बाद जुंटा ने रूस को अपना नया सुरक्षा साझेदार बनाया, जिसके बाद फ्रांस जैसे उसके पारंपरिक सहयोगी के सैनिकों और संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को देश छोड़ना पड़ा।

अप्रैल में हुए हमलों के बाद सशस्त्र समूह ने सरकारी सैनिकों और रूस समर्थित अफ़्रीका कोर के कब्जे से प्रमुख शहरों पर अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया था।

सैन्य गवर्नर कर्नल मेजर ओलिवियर डियासाना के अनुसार, नवीनतम हमले बुधवार शाम लगभग चार बजे कोरी कोरी और गोमोसोगू गांवों में हुए। उन्होंने इस हमले को ‘कायरतापूर्ण’ और ‘बर्बर’ करार दिया।

सैन्य गवर्नर के बयान में हालांकि हताहतों की सटीक संख्या नहीं बताई गई।

वहीं जेएनआईएम ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी कर दावा किया कि वह माली सेना का साथ दे रहे सरकार समर्थक लड़ाकों को निशाना बना रहा है।

माली में सुरक्षा संकट पिछले महीने से और गहरा गया है। जेएनआईएम और एफएलए के गठबंधन ने सरकारी बलों पर 2012 के बाद से सबसे बड़ा हमला किया था जिसमें कई लोग मारे गए थे, जिनमें पूर्व रक्षा मंत्री सादियो कैमारा भी शामिल थे जो सैन्य शासन में एक प्रमुख व्यक्ति थे।

एपी शोभना सिम्मी

सिम्मी