Stock Market 08 May 2026: गिफ्ट निफ्टी के इशारे ने बढ़ाई टेंशन! क्या आज शेयर बाजार में निवेशकों को लगेगा बड़ा झटका?

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Stock Market 08 May 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक बाजार दबाव में हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 80 अंक नीचे कारोबार कर रहा है। जबकि एशियाई बाजारों में भी कमजोरी दिख रही है। हालांकि, डाओ फ्यूचर्स में मामूली मजबूती निवेशकों को थोड़ी राहत दे रही है।

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  • Publish Date - May 8, 2026 / 08:50 AM IST,
    Updated On - May 8, 2026 / 08:50 AM IST

(Stock Market 08 May 2026/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • GIFT Nifty करीब 100 अंक नीचे ट्रेड करता दिखा।
  • US-ईरान तनाव से ग्लोबल बाजारों में चिंता बढ़ी।
  • कच्चे तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा उछाल आया।

नई दिल्ली: Stock Market 08 May 2026 in India: आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 100 अंक नीचे ट्रेड करता दिखा जिससे साफ है कि निवेशकों का मूड दबाव में है। निफ्टी फ्यूचर्स लगभग 24,292 से स्तर पर कारोबार कर रहा था। ग्लोबल बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजारों पर भी दिखाई दे रहा है।

US-ईरान तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ने की खबरों ने दुनियाभर के बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज स्ट्रेट के पास गोलीबारी की खबर सामने आने के बाद मिडिल ईस्ट में हालात को लेकर डर बढ़ गया। इससे सीजफायर को लेकर बनी उम्मीदों पर भी सवाल उठने लगे हैं। बाजार में डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो इसका असर तेल सप्लाई पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।

कच्चे तेल और सोने में तेजी

मिडिल ईस्ट तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा। यूएस क्रूड फ्यूचर्स में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई और कीमतें 96 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। तेल महंगा होने से वैश्विक महंगाई बढ़ने की चिंता फिर से तेज हो गई है। दूसरी तरफ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड बढ़कर 4,700 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया।

एशियाई बाजारों में दबाव

एशिया-पैसिफिक बाजारों में भी कमजोरी का माहौल देखने को मिला। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स करीब 0.63% नीचे ट्रेड कर रहा था। जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.85% तक फिसल गया। हैंग सेंग सहित दूसरे एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। लगातार बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और तेल कीमतों में उछाल से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

अमेरिकी बाजार और आगे की नजर

अमेरिकी बाजारों में गुरुवार को कमजोरी रही थी। S&P 500 और डॉओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज गिरावट के साथ बंद हुए। जबकि नैस्डैक में भी हल्की कमजोरी रही। हालांकि शुक्रवार सुबह US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली। निवेशक अब अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले अगले घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। अगर तनाव कम होता है तो बाजारों को राहत मिल सकती है। लेकिन अभी ग्लोबल सेंटीमेंट दबाव में बना हुआ है।

नोट:-शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

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GIFT Nifty में गिरावट क्यों आई?

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, तेल कीमतों में उछाल और कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण GIFT Nifty दबाव में दिखा।

US-ईरान तनाव का बाजार पर क्या असर पड़ा?

तनाव बढ़ने से निवेशकों की चिंता बढ़ी, जिससे शेयर बाजारों में बिकवाली और सुरक्षित निवेश जैसे सोने में खरीदारी बढ़ी।

कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं?

होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव बढ़ने से तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बनी, जिससे कच्चे तेल में तेजी आई।

क्या भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है?

GIFT Nifty के संकेतों के अनुसार भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत दबाव और कमजोरी के साथ हो सकती है।