(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 26 जून (भाषा) सिंगापुर के प्रमुख श्रमिक संगठन ने शुक्रवार को बताया कि भारतीय मूल के एक व्यक्ति के स्वामित्व वाली कंपनियों द्वारा कथित तौर पर बेसहारा छोड़े गए 400 से अधिक प्रवासी कामगारों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अगले सप्ताह से शुरू होगी।
इन प्रवासी कामगारों में अधिकत्तर भारत और बांग्लादेश के लोग हैं।
इन कामगारों को तीन ऐसी कंपनियों ने नियुक्त किया था, जिनका एक ही निदेशक था और ऐसा बताया जा रहा है कि वह कर्मचारियों को कई महीनों का वेतन दिए बिना देश छोड़कर फरार हो गया।
‘नेशनल ट्रेड्स यूनियन कांग्रेस’ (एनटीयूसी) के महासचिव एन. ची मेंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “रोजगार के संबंध में हमें 80 से अधिक कंपनियों से रुचि मिली है, जिनमें लगभग 400 रिक्तियां उपलब्ध हैं और हमारी यूनियन भी लगातार व अधिक अवसरों के लिए लोगों के नाम भेज रही हैं।”
उन्होंने कहा कि यह संगठन एक गैर-सरकारी संस्था ‘माइग्रेंट वर्कर्स सेंटर’ (एमडब्ल्यूसी) के साथ मिलकर इस सप्ताहांत तक प्रवासी कामगारों को एक ही आवासीय परिसर में स्थानांतरित करेगा।
मेंग ने बताया कि ‘ट्राइपार्टाइट अलायंस फॉर डिस्प्यूट मैनेजमेंट’ (टीएडीएम) की टीम तुआस व्यू डॉरमिटरी में मौजूद थी, जहां फिलहाल ये प्रवासी कामगार ठहरे हुए हैं ताकि शेष कामगारों को अपने दावों को सीधे दर्ज कराने में सहायता मिल सके।
‘ट्राइपार्टाइट अलायंस फॉर डिस्प्यूट मैनेजमेंट’, सिंगापुर के श्रम मंत्रालय, एनटीयूसी और सिंगापुर नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों व नियोक्ताओं को रोजगार संबंधी विवादों के समाधान के लिए सेवाएं उपलब्ध कराना है।
‘द स्ट्रेट्स टाइम्स’ ने मेंग के हवाले से कहा, “रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू हो रही है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इस प्रक्रिया में कोई भी पीछे न छूटे।”
बुधवार को इन कामगारों को दैनिक खर्चों में सहायता के लिए 100 सिंगापुर डॉलर नकद और 100 सिंगापुर डॉलर के सुपरमार्केट वाउचर प्रदान किए गए।
भाषा जितेंद्र गोला
गोला