कोलंबो, एक जुलाई (भाषा) श्रीलंका ने बुधवार को उस आपातकाल को खत्म करने की घोषणा की, जो लगभग सात महीने पहले विनाशकारी चक्रवात ‘दित्वा’ के द्वीप देश से टकराने के बाद लागू किया गया था।
नवंबर 2025 के आखिर में श्रीलंका से टकराए चक्रवात ‘दित्वा’ के कारण 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और देश के सभी 25 जिलों में भीषण बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
सरकार का कहना है कि आपदा के समय तत्काल कार्रवाई और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए आपातकाल लागू करना जरूरी था। इससे जरूरी सेवाओं के संचालन, राहत, बहाली एवं पुनर्निर्माण के कामों में तालमेल बिठाने के लिए सेना की तैनाती का भी रास्ता साफ हुआ।
सरकार के प्रवक्ता और मंत्री नलिंदा जयतिस्सा ने संवाददाताओं को बताया कि चक्रवात ‘दित्वा’ के बाद घोषित आपातकाल की अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी।
इससे पहले, कानून के मुताबिक आपातकाल को जारी रखने के लिए संसद की मंजूरी लेने के सरकार के फैसले की मानवाधिकार समूहों ने आलोचना की थी। उनका तर्क था कि आपातकाल की अवधि बहुत ज्यादा थी।
भाषा शफीक सुरेश
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