श्रीलंका की पुलिस ने विरोध प्रदर्शन स्थल से ट्रकों को हटाया, कार्रवाई की आशंका टली |

श्रीलंका की पुलिस ने विरोध प्रदर्शन स्थल से ट्रकों को हटाया, कार्रवाई की आशंका टली

श्रीलंका की पुलिस ने विरोध प्रदर्शन स्थल से ट्रकों को हटाया, कार्रवाई की आशंका टली

:   Modified Date:  November 29, 2022 / 07:54 PM IST, Published Date : April 16, 2022/4:07 pm IST

कोलंबो, 16 अप्रैल (भाषा) श्रीलंका की पुलिस ने शनिवार को राष्ट्रपति सचिवालय के पास प्रदर्शन स्थल पर खड़े कई खाली ट्रकों को हटा दिया। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई टाल दी गई है।

नौ अप्रैल से राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के सचिवालय के पास गाले फेस पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हैं, जो आर्थिक संकट से सही तरीके से निपट नहीं पाने के मद्देनजर पूरे राजपक्षे परिवार के विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी पदों से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।

सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन बंद करने के लिए मनाने के प्रयास किए गए हैं। इस बीच पुलिस ट्रक शनिवार तड़के प्रदर्शन स्थल के पास जाते दिखे। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कुछ घंटों बाद पुलिस ने वहां खड़े कई खाली ट्रकों को हटा दिया।

एक बयान में, वकीलों के संगठन ‘बार एसोसिएशन ऑफ श्रीलंका’ ने सरकार को आगाह किया है कि विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के किसी भी प्रयास के गंभीर परिणाम होंगे।

प्रदर्शनकारियों को संगीत और फिल्म उद्योग की मशहूर हस्तियों से लेकर क्रिकेटरों समेत समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिला है। पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा, सनथ जयसूर्या, रोशन महानामा के अलावा सिदथ वेट्टीमुनी, चंपाका रामनायके, धम्मिका प्रसाद भी विरोध में शामिल हुए हैं।

एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि शेयर बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज को देश में मौजूदा स्थिति के कारण 18 अप्रैल से पांच कारोबारी दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद करने का निर्देश दिया है।

गैर-राजनीतिक विरोध में अब तक कोई राजनीतिक भागीदारी नहीं देखी गई है क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने 225 सदस्यीय संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सभी दलों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

आर्थिक संकट गहराने और विदेशी मुद्रा की कमी के साथ, ईंधन आयात के लिए 50 करोड़ डॉलर की भारतीय क्रेडिट लाइन से श्रीलंका को कुछ राहत मिली है। भारत ने आर्थिक संकट से निपटने के लिए श्रीलंका को अपनी वित्तीय सहायता के हिस्से के रूप में देश को एक अरब डॉलर की ऋण सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही, पेट्रोलियम उत्पादों को खरीदने में मदद करने के लिए फरवरी में 500 अरब डॉलर के क्रेडिट लाइन की घोषणा भी की गई थी।

राष्ट्रपति राजपक्षे ने अपनी सरकार के कदमों का बचाव करते हुए कहा कि विदेशी मुद्रा संकट के लिए वह जिम्मेदार नहीं है और देश में पर्यटन क्षेत्र प्रभावित होने से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।

भाषा आशीष पवनेश

पवनेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)