गर्भधारण के दौरान पैरासिटामोल लेने से आपके बच्चे में ऑटिज्म का खतरा नहीं बढ़ता है: नयी समीक्षा

गर्भधारण के दौरान पैरासिटामोल लेने से आपके बच्चे में ऑटिज्म का खतरा नहीं बढ़ता है: नयी समीक्षा

गर्भधारण के दौरान पैरासिटामोल लेने से आपके बच्चे में ऑटिज्म का खतरा नहीं बढ़ता है: नयी समीक्षा
Modified Date: January 18, 2026 / 04:47 pm IST
Published Date: January 18, 2026 4:47 pm IST

(आन्या आर्थर्स, फ्लिंडर्स विश्वविद्यालय)

एडीलेड, 18 जनवरी (द कन्वरसेशन) अगर आप पिछले कुछ महीनों से गर्भवती हैं, तो शायद आप एक दुविधा का सामना कर रही होंगी। आप बुखार, तेज सिरदर्द या पीठ दर्द के साथ जागती होगीं और फिर कुछ देर के लिए रुक जाती होगीं। ऐसे में क्या पैरासिटामोल लेना सुरक्षित है?

यह झिझक आश्चर्यजनक नहीं है। पिछले साल सितंबर में, अमेरिकी सरकार ने गर्भावस्था में पैरासिटामोल के इस्तेमाल को ‘ऑटिज्म (स्वलीनता)’ और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी से जुड़ी अतिसक्रियता (एडीएचडी) से जोड़कर व्यापक संदेह और चिंता पैदा कर दी थी।

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लेकिन अब ‘द लैंसेट’ में आज प्रकाशित एक महत्वपूर्ण नए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन ने कुछ बेहद जरूरी स्पष्टता प्रदान की है।

इस शोध से पुष्टि होती है कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल (जिसे एसिटामिनोफेन या पैनाडोल और टाइलेनॉल जैसे ब्रांड नामों से भी जाना जाता है) लेने से शिशु में ऑटिज्म, एडीएचडी या बौद्धिक अक्षमता का खतरा नहीं बढ़ता है।

गर्भावस्था के किसी भी चरण में बुखार और दर्द के इलाज के लिए पैरासिटामोल एक सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

नए अध्ययन में किन बातों पर गौर किया गया।

अनुसंधानकर्ताओं ने एक व्यापक व्यवस्थित समीक्षा और बहुविध अध्ययन-विश्लेषण किया, जिसका अर्थ है कि उन्होंने केवल एक समूह के लोगों का अध्ययन नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने कई पिछले अध्ययनों के परिणामों को एक साथ संकलित किया।

उन्होंने कुल 43 अध्ययनों की समीक्षा की, जिनमें इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया था कि क्या गर्भ में पैरासिटामोल के संपर्क में आने वाले बच्चों में बाद में ऑटिज्म, एडीएचडी या बौद्धिक अक्षमता के शिकार होने की आशंका अधिक होती है।

महत्वपूर्ण रूप से, लेखकों (अनुसंधानकर्ताओं) ने भाई-बहनों की तुलना वाले अध्ययनों को प्राथमिकता दी। भाई-बहनों के अध्ययन में एक ही परिवार के भाई-बहनों की तुलना की जाती है, जिनमें से एक ने गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल का सेवन किया और दूसरे ने नहीं किया।

यह तरीका तुलना के लिए उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम देता है। यह अनुसंधानकर्ताओं को उनके अध्ययन के विषय को अलग करने में मदद करता है – इस मामले में, पैरासिटामोल।

भाई-बहनों की साझा आनुवंशिकी, घरेलू वातावरण और पारिवारिक पृष्ठभूमि का मतलब है कि इन कारकों में कोई अंतर नहीं होगा, जो परिणामों को विकृत कर सकता है (जिन्हें ‘भ्रमित करने वाले कारक’ के रूप में जाना जाता है)।

लेखकों ने अपने परिणामों की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सांख्यिकीय विधियों का उपयोग किया।

तो उन्हें क्या मिला?

इन उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययनों में, अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चों की माताओं ने गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल का सेवन किया था, उनमें ऑटिज्म, एडीएचडी या बौद्धिक अक्षमता के जोखिम में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई थी।

यह तब सच था जब लेखकों ने (क) केवल भाई-बहनों के अध्ययन को देखा, (ख) पूर्वाग्रह के कम जोखिम वाले अध्ययनों पर ध्यान केंद्रित किया और (ग) पांच साल से अधिक समय तक निगरानी में रखे गए बच्चों की जांच की।

दूसरे शब्दों में कहें तो, जब सबसे प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल किया गया, तो पहले के चिंताजनक संबंध निराधार साबित हुए। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकला है कि पैरासिटामोल, निर्देशानुसार उपयोग किए जाने पर, गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित रहता है।

भाषा राजकुमार संतोष

संतोष


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