कोलंबो, 28 जुलाई (भाषा) श्रीलंका के तटीय शहर देविनुवारा स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सदियों से चले आ रहे धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि पूर्व में अंडरवर्ल्ड की धमकी की वजह से इस अनुष्ठान को रद्द कर दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि उथपालावाना श्री विष्णु मंदिर में एसाला पेराहेरा (धार्मिक जुलूस) के दौरान ‘कावड़ी’ अनुष्ठान की सुरक्षा के लिए विशेष कार्यबल (एसटीएफ) के सदस्यों समेत लगभग 1,500 जवानों को तैनात किया गया है।
ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी कि भगोड़े मादक पदार्थ माफिया शेहान सथसारा और कांजीपनी इमरान के बीच जारी ‘गैंगवार’ की वजह से अनुष्ठान के दौरान हथियारबंद लोगों द्वारा या ड्रोन से हमला किया जा सकता है, जिसके बाद रविवार को पारंपरिक नृत्य कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था, लेकिन बाद में इसे फिर से शुरू किया गया। माना जाता है कि ये दोनों अपराधी विदेश से अपना नेटवर्क चला रहे हैं।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को ‘कावड़ी’ अनुष्ठान में शामिल लोगों की सुरक्षा जांच की गई और कुछ लोगों से मादक पदार्थ क्रिस्टल मेथामफेटामाइन (जिसे स्थानीय भाषा में ‘आइस’ कहा जाता है) और गांजा जब्त किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस साल ‘कावड़ी’ अनुष्ठान संबंधी तैयारियों की निविदा इमरान से जुड़े लोगों के बजाय सथसारा के समर्थकों को दिया गया था, जिससे दोनों विरोधी गुटों के बीच तनाव बढ़ गया।
मार्च 2025 में, इमरान गिरोह के दो संदिग्ध सदस्यों की कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी गुट ने मंदिर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
तेरहवीं सदी से चला आ रहा ‘देविनुवारा एसाला’ उत्सव, श्रीलंका के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है।
भाषा धीरज देवेंद्र
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