शुल्क नीति बहुत सफल रही, और भी उपाय सामने आएंगे: यूएसटीआर ग्रीर

शुल्क नीति बहुत सफल रही, और भी उपाय सामने आएंगे: यूएसटीआर ग्रीर

शुल्क नीति बहुत सफल रही, और भी उपाय सामने आएंगे: यूएसटीआर ग्रीर
Modified Date: July 21, 2026 / 02:27 pm IST
Published Date: July 21, 2026 2:27 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 21 जुलाई (भाषा) अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि देश की शुल्क (टैरिफ) नीति ‘‘बेहद सफल’’ रही है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन उन शुल्क उपायों की जगह नए उपाय लाने की योजना बना रहा है जिन्हें अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था।

ग्रीर ने ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि ट्रंप प्रशासन ने पिछले एक साल में अमेरिका की 70 साल पुरानी व्यापार नीति को बदल दिया है और इन नए उपायों से व्यापार घाटा कम हुआ है और कारोबारों को दोबारा अमेरिका लाने में मदद मिली है।

यह पूछे जाने पर कि क्या शुल्क प्रणाली से अच्छे नतीजे मिल रहे हैं, इस पर ग्रीर ने कहा, ‘‘हां, बिल्कुल। मेरा मानना है कि हम बेहद सफल रहे हैं।’’

ग्रीर ने कहा कि प्रशासन ने इस संबंध में तेजी से कदम उठाए। प्रशासन ने अमेरिका के बढ़ते व्यापार घाटे को एक ऐसी आर्थिक आपात स्थिति माना जिसके लिए कड़े फैसले लेने की जरूरत थी।

उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार, हम व्यापार नीति बदलने में कामयाब हो रहे हैं। हम व्यापार घाटा कम करने में सफल हो रहे हैं। हम कारोबार को दोबारा अमेरिका वापस लाने में कामयाब हो रहे हैं। हम वेतन के मोर्चे पर भी बढ़त बना रहे हैं। हम इन सभी मोर्चों पर जीत रहे हैं। इसलिए हम अभी जिस स्थिति में हैं और जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उससे मैं खुश हूं।’’

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, ट्रंप प्रशासन उन शुल्क को नए स्वरूप में लागू करने की तैयारी कर रहा है, जिन्हें अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया था। इसके तहत उन देशों पर शुल्क लगाने की योजना थी जो विनिर्माण में जबरन श्रम का इस्तेमाल करते हैं या जरूरत से ज्यादा उत्पादन करते हैं।

ग्रीर ने तर्क दिया कि भारी शुल्क की वजह से अमेरिका कई साझेदारों के साथ नए व्यापार समझौते करने में सफल रहा।

अमेरिका के व्यापार प्रमुख ने कहा कि शुल्क नीति पूरी तरह से आर्थिक नजरिए से तय की गई थी न कि विदेश नीति के नजरिए से।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई विदेश नीति का मामला नहीं है, बल्कि यह अर्थशास्त्र से जुड़ा विषय है। इसलिए जब भी यूरोपीय संघ (ईयू) जैसा कोई संगठन बेतुके और अवैज्ञानिक कारणों से अमेरिकी कृषि उत्पादों पर रोक लगाता है तो मुझे यह समस्या लगती है। चाहे वे दोस्त हों या दुश्मन, यह एक मुद्दा तो है।’’

उनसे पूछा गया था कि शुल्क नीति पारंपरिक सहयोगियों के लिए मुश्किल भरी रही है।

ग्रीर ने कहा कि प्रशासन के इस नजरिए से अमेरिका को ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, भारत और जापान के साथ व्यापार समझौते करने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने प्रशासन के शुल्क कार्यक्रम के एक बड़े हिस्से को रद्द कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस रणनीति पर कोई पछतावा नहीं है।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश


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