जोहानिसबर्ग, 18 सितंबर (एपी) अफ्रीका के कई शहरों में कचरे का संकट तेजी से बढ़ रहा है और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था बढ़ते बोझ के सामने कमजोर पड़ रही है। दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में अवैध रूप से फेंके गए कचरे के बड़े-बड़े ढेर इस समस्या की गंभीरता को दिखाते हैं।
जोहानिसबर्ग के औद्योगिक उपनगर काया सैंड्स में कचरे का एक पहाड़ बन चुका है। नगर निगम के पार्षद डेवोन स्टीनकैंप ने कहा कि 2021 में यह ढेर काफी छोटा था, लेकिन अब यह विशाल हो गया है और यहां लगातार धुआं उठता रहता है।
यह समस्या सिर्फ जोहानिसबर्ग तक सीमित नहीं है। लागोस, डकार और अकरा जैसे तेजी से बढ़ते शहरों में भी कचरा उत्पादन नगर निकायों की संग्रह, पुनर्चक्रण और निपटान क्षमता से अधिक तेजी से बढ़ रहा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, अफ्रीका की शहरी आबादी 2050 तक बढ़कर 1.4 अरब होने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का कहना है कि अफ्रीका में पैदा होने वाले 90 प्रतिशत से अधिक कचरे को अनियंत्रित डंपिंग स्थलों और लैंडफिल में डाला जाता है।
जोहानिसबर्ग में नगर कचरा कंपनी पिकिटप ने 2,000 से अधिक अवैध कचरा स्थलों की पहचान की है। कुछ इलाकों के निवासियों का कहना है कि उनका कचरा कई हफ्तों तक नहीं उठाया जाता, जिससे लोग अनौपचारिक कचरा ढोने वालों पर निर्भर हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन कचरा स्थलों पर प्लास्टिक और अन्य सामग्री जलाने से हवा, मिट्टी और पानी प्रदूषित हो रहे हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, खराब कचरा प्रबंधन से बीमारियों का खतरा बढ़ता है और बारिश के दौरान नालियां जाम होने से बाढ़ की समस्या भी पैदा हो सकती है।
एपी मनीषा पवनेश
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