फ्रांस के जंगलों में लगी आग के कारण घरों से विस्थापित हुए हजारों लोगों को वापस लौटने की अनुमति दी गई

फ्रांस के जंगलों में लगी आग के कारण घरों से विस्थापित हुए हजारों लोगों को वापस लौटने की अनुमति दी गई

फ्रांस के जंगलों में लगी आग के कारण घरों से विस्थापित हुए हजारों लोगों को वापस लौटने की अनुमति दी गई
Modified Date: July 30, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: July 30, 2026 5:59 pm IST

लेज-कैप-फेरेट (फ्रांस), 30 जुलाई (एपी) फ्रांस के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस में जंगल की भीषण आग के कारण अपने घरों को छोड़कर गये 84,000 लोगों को वापस लौटने की अनुमति दे दी है।

इसे इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इस अग्निकांड में पेरिस के क्षेत्रफल से लगभग चार गुना बड़ा क्षेत्र जलकर खाक हो चुका है।

बृहस्पतिवार को जिन क्षेत्रों के निवासियों को अपने घर वापस लौटने की अनुमति दी गई है, उनमें उन नौ इलाकों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें पहले खाली कराया गया था। पिछले सप्ताह से अब तक कुल मिलाकर 2.20 लाख से अधिक लोगों को अपने घरों को छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

अधिक नमी, कम तापमान और हल्की बारिश से उम्मीद जगी है कि आग पर जल्द ही काबू पा लिया जायेगा।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आग पहले से प्रभावित 42,000 हेक्टेयर (लगभग 162 वर्ग मील) क्षेत्र से आगे नहीं फैली।

अधिकारियों ने कहा कि फ्रांस के गिरोंद क्षेत्र में लगी देश की सबसे बड़ी जंगल की आग रात में और नहीं फैली, लेकिन बुधवार दोपहर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने और हवाएं तेज होने के साथ ही यह राहत अल्पकालिक साबित होने का खतरा पैदा हो गया।

फ्रांस के विभिन्न हिस्सों और यूरोपीय सहयोगी देशों से आए दलों की मदद से 2,200 से अधिक दमकलकर्मी और 20 से ज्यादा विमान आग बुझाने के काम में जुटे रहे।

सरकारी ‘अनादोलु’ समाचार एजेंसी ने बताया कि बृहस्पतिवार को तुर्किये के पश्चिमी हिस्से के चार प्रांतों में दमकलकर्मी कई जंगलों में लगी आग पर काबू पाने में जुटे हुए थे।

पर्यटन स्थल मुगला और अंताल्या समेत अन्य क्षेत्रों में लगी आग रातभर भड़कती रही, क्योंकि इलाके में गर्म मौसम और तेज हवाओं का प्रकोप जारी था। दमकलकर्मी विमानों और हेलीकॉप्टरों की मदद से आग बुझाने में जुटे रहे, जबकि स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

एपी

देवेंद्र सुरेश

सुरेश


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