ट्रंप जी7 की बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे
ट्रंप जी7 की बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे
इविन लेस बेंस (फ्रांस), 15 जून (एपी) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को फ्रांस पहुंचे, जहां वह दुनिया के प्रमुख औद्योगिक देशों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
ट्रंप ने रवाना होने से पहले ईरान के साथ शांति समझौते के मसौदे पर सहमति की घोषणा की, जिससे पश्चिम एशिया में करीब 107 दिनों से जारी युद्ध समाप्त हो जाएगा।
राष्ट्रपति सोमवार को आल्पस पर्वत श्रृंखला में स्थित इविन-लेस-बेंस पहुंचे, जहां वह जी7 नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। इन नेताओं में कुछ ऐसे भी हैं, जो ईरान युद्ध के दौरान अमेरिका की रणनीति के विरोधी रहे हैं।
सम्मेलन से पहले समझौते पर सहमति बनने की घोषणा से ट्रंप के लिए जी7 का माहौल बदल सकता है। युद्ध शुरू होने से पहले सलाह-मशविरा न करने की वजह से फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर, जर्मनी के चांसलर फ़्रेडरिक मर्ज़ और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनके मतभेद रहे हैं।
इस बीच, ट्रंप ने नाटो के सदस्य चार यूरोपीय देशों के नेताओं की आलोचना की, क्योंकि उन्होंने ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका का समर्थन नहीं किया।
व्हाइट हाउस का कहना है कि उम्मीद है कि ट्रंप नेताओं के साथ होर्मुज़ जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाने के बारे में चर्चा करेंगे।
मैक्रों ने सोमवार को कहा कि फ्रांस मदद के लिए उस इलाके में बारूदी सुरंगे हटाने वाले जहाज़ों समेत अन्य संसाधन ‘‘बहुत तेजी से’’ तैनात करने को तैयार है।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और कनाडा के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिका-ईरान समझौते का स्वागत किया और इसे ‘‘क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के अवसर’’ के रूप में बताया।
एक अन्य घटनाक्रम में, सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले ट्रंप ने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ से कहा कि उन्होंने मैक्रों को चेतावनी दी है कि अगर पेरिस ने अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों पर अपना डिजिटल कर नहीं हटाया, तो अमेरिका के पास फ्रांसीसी शराब पर शत प्रतिशत शुल्क लगाने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
एपी धीरज दिलीप
दिलीप

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