न्यूयॉर्क, 23 जनवरी (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बैंकिंग क्षेत्र की दिग्गज जेपीमॉर्गन चेस और उसके सीईओ जेमी डिमॉन पर पांच अरब डॉलर का मुकदमा दायर किया है।
ट्रंप का आरोप है कि जनवरी 2021 में उनके पद छोड़ने के बाद जेपीमॉर्गन ने राजनीतिक कारणों से उन्हें और उनके व्यवसायों को बैंकिंग सेवाएं देना बंद कर दिया था।
फ्लोरिडा के मियामी-डेड काउंटी कोर्ट में दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि जेपीमॉर्गन ने फरवरी 2021 में बिना किसी स्पष्टीकरण के मात्र 60 दिन के नोटिस पर कई खाते अचानक बंद कर दिए। ट्रंप का दावा है कि जेपीमॉर्गन और डिमोन के ऐसा करने से राष्ट्रपति और उनके व्यवसायों को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ, उनके कामकाज में बाधा आई और ट्रंप तथा व्यवसायों को मजबूरन अन्य बैंकों में तत्काल खाते खोलने पड़े।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि ‘‘जेपीएमसी ने (ट्रंप और उनके व्यवसायों को) बैंकिंग सेवाओं से बाहर कर दिया क्योंकि उसका मानना था कि उस समय की राजनीतिक लहर ऐसा करने के पक्ष में थी।’’
मुकदमे में ट्रंप ने आरोप लगाया कि बैंक ने जब उनके खाते बंद करना शुरू कर दिया तो उन्होंने व्यक्तिगत रूप से डिमोन के साथ इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की और डिमोन ने ट्रंप को आश्वासन दिया था कि वह पता लगाएंगे कि क्या हो रहा है।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि डिमोन ने बाद में ट्रंप से संपर्क नहीं किया। ट्रंप के वकीलों का आरोप है कि जेपीमॉर्गन ने राष्ट्रपति और उनकी कंपनियों को एक ऐसी काली सूची में डाल दिया जिसका इस्तेमाल जेपीमॉर्गन और अन्य बैंक भविष्य में ग्राहकों को अपने यहां खाते खोलने से रोकने के लिए करते हैं।
एक बयान में जेपीमॉर्गन ने कहा कि उनका मानना है कि मुकदमे में कोई दम नहीं है।
एपी सुरभि वैभव
वैभव